यूएई में खोजे गए चीनी चीनी मिट्टी के बर्तन 700 साल गल्फ के साथ संबंधों को दर्शाता है


अबू धाबी, 5 जून, 2019 (डब्ल्यूएएम) - दैनिक अबू धाबी अखबार द नेशनल के आज के अंक में प्रकाशित एक लंबी रिपोर्ट के अनुसार बीजिंग स्थित एक चीनी संस्थान फॉरबिडन सिटी फाउंडेशन और उत्तरी अमीरात के रास अल खैमाह के पुरावशेष व संग्रहालय विभाग चीन और दक्षिणी अरब गल्फ के बीच व्यापारिक संबंधाें पर नई राेशनी बिखेर रहा है। रास अल खैमाह सरकार और फाउंडेशन के बीच एक साल पहले पांच साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। पिछली सर्दी में अखबार में खबर छपी थी कि संग्रहालय विभाग और बीजिंग पैलेस संग्रहालय के पुरातत्वविदों ने वर्तमान में रास अल खैमाह शहर के उत्तर में स्थित मध्य-पूर्व के बंदरगाह शहर जुल्फार में करीब 20,000 मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े और सिरेमिक की खुदाई की थी। पहचाने गए कुछ मिट्टी के बर्तनों काे अगले महीने बीजिंग के फॉरबिडन पैलेस संग्रहालय में हिंद महासागर व्यापारिक मार्गों पर एक प्रदर्शनी में रखा जाएगा। पूर्वी चीन, वियतनाम और बर्मा (म्यांमार) सहित पूर्वी एशिया के अन्य हिस्सों के मध्ययुगीन मिट्टी के बर्तनों और चीनी मिट्टी के बर्तनों की खुदाई और पहचान पूरे अमीरात के डिबा और खोर फक्कान के पूर्वी तट पर सर बानी के द्वीप पर की गई, जाे कि देश के सुदूर पश्चिम में है। रास अल खैमाह के लोगों पर एक पुस्तक के लेखक अन्ना ज़ाचरिआस द्वारा अखबार की पूरी रिपोर्ट इस प्रकार है। टिबोर पलुच ने उंगलियों के बीच मिट्टी बर्तनों का एक चमकता हुआ टुकड़ा पकड़ा। इसकी नाजुक नीली रेखाएं लगभग 700 साल पहले दक्षिण पूर्व चीन के जिंगदेझेन के पहाड़ी जंगलों में बत्तख की संभावित प्रोफाइल बनाती हैं। यह मिट्टी के बर्तनों और सिरेमिक से बने मिट्टी के पात्राें में लगभग 20,000 टुकड़ों में से एक है, जिसका खुलासा बीजिंग के पैलेस म्यूजियम और आरएके डिपार्टमेंट ऑफ एंटीक्विटीज एंड म्यूजियम के पुरातत्वविदों की एक टीम ने रास अल खैमाह में इस सर्दी के दाैरान किया था। आरएके विभाग के एक पुरातत्वविद् श्री पालुच ने कहा कि यह एक पानी का पक्षी है, शायद एक बत्तख है। उन्हाेंने अपनी उंगलियों के बीच पकड़े टुकड़े को घुमा दिया। चीनी पुरातत्वविदों के अनुसार यह सिर्फ रोजमर्रा के उपयोग के लिए नहीं था। संभवतः यह एक स्थानीय शासक के लिए उपहार था। यह दोनों क्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण संबंधाें काे दर्शाता है। पुरातत्वविदों के पास अब टुकड़ों को सूचीबद्ध करने का कठिन काम है। रास अल खैमाह के मध्ययुगीन पूर्ववर्ती चीन और जुल्फार के बीच उच्च व्यापारिक स्तर स्पष्ट है। कुछ महीने पहले वॉटरबर्ड के साथ मिट्टी के बर्तनाें काे एक मीटर धरते के नीचे गाड़ दिया गया था। इसे 1320 से 1360 के बीच तैयार किया गया था। संभवतः इसे राजनयिक उपहार के रूप में बनाया गया था। इसके प्राप्तकर्ता कौन थे यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसका सांचा चंगेज खान के पोते कुबलाई खान द्वारा स्थापित युआन राजवंश में विदेशी अधिकारियों को उपहार में दिए गए सिरेमिक के साथ मिलता-जुलता है। जिंगडेजन के नदी हाेकर पूर्वी चीन सागर के लिए नाजुक चीनी मिट्टी बर्तनाें के परिवहन में ढील दी गई। वहां से 50,000 से 70,000 निवासियों के साथ खाड़ी के मुहाने पर स्थित एक प्राचीन बंदरगाह शहर जुल्फार हिंद महासागर पार किया। पालुच के सामने की मेज पर मध्यकालीन शहर के दैनिक जीवन से जुड़े टुकड़े जैसे छोटे तांबे के सिक्के, कांच की चूड़ियों के टुकड़े रखे थे। इसे घुमावदार और नाजुक त्रिकोण से सजाया गया था। पालुच ने चीनी टीम के साथ जुल्फार के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के सबसे ऊंचे टीले पर अल-नुदूद में दो-पांच मीटर खाई में लगभग 300 छोटे टुकड़ाें की तलाश की। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302766541

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