अबू धाबी ने ऑस्ट्रेलियन इनर्जी वीक 2019 में ऊर्जा स्रोतों की विविधता पर प्रकाश डाला


अबू धाबी, 16 जून, 2019 (डब्ल्यूएएम) - अबू धाबी डिपार्टमेन्ट ऑफ इनर्जी (डीओई) के अध्यक्ष आवैदा मुरशेद अल मरार ने मेलबाेर्न में ऑस्ट्रेलियन इनर्जी वीक 2019 में ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और ऊर्जा परिवर्तन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में अबू धाबी की रूपरेखा तैयार की है। 500 से अधिक स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गजाें और निर्णयकर्ताओं काे संबोधित करते हुए अल मरार ने स्थानीय व वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र के समक्ष आने वाले अवसरों और चुनौतियों का सामना करने काे कहा। ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने 14 जून को संपन्न हुए इस आयोजन में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने आस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा अबू धाबी के अमीरात और ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख सरकारी संस्थाओं के बीच साझेदारी मजबूत करने और बड़े पैमाने पर विशेषज्ञता आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए की। अल मरार ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऊर्जा की वैश्विक मांग में वृद्धि, स्वच्छ व नवीकरणीय ऊर्जा प्रयासों को संरेखित करने तथा निर्भरता बढ़ाने का अवसर है। अबू धाबी स्थित इंटरनेशनल रिन्यूयेबल इनर्जी एजेंंसी (आईआरईएनए) का मुख्यालय स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक दिग्गज के ताैर पर अपनी स्थिति मजबूत बनाने में अमीरात की काेशिश का प्रमाण है। डीओई के अध्यक्ष ने कार्यक्रम के हिस्से के रूप में क्षेत्रीय प्रगति व वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के संक्रमण के लिए अबू धाबी के अमीरात की प्रगति काे रेखांकित किया। इस पहल की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब राष्ट्रपति महामहिम शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान ने दुनिया की सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र शम्स 1 का उद्घाटन किया था। शम्स 1 के उद्धाटन हाेने से अबू धाबी में मध्य पूर्व का पहला शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण शुरू हुआ, जिसमें 1,400 मेगावाट क्षमता वाले चार रिएक्टर हैं। अल मरार ने नूर अबू धाबी सोलर पावर प्लांट का हवाला देते हुए अक्षय ऊर्जा में निवेश के लिए अबू धाबी की तल्लीनता पर प्रकाश डाला। सोलर पावर प्लांट की शुरुआत 2019 के प्रारंभ में हुई थी। 3.2 बिलियन एईडी की लागत वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वतंत्र सौर ऊर्जा संयंत्र है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 1,177 मेगावाट है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 2020 तक स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों पर 7 प्रतिशत तक निर्भरता बढ़ाने की अमीराती योजना के अनुरूप है। 2030 में 25 प्रतिशत और 2050 में 50 प्रतिशत निर्भरता बढ़ेगी। डीओई अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में अबू धाबी ऊर्जा क्षेत्र के लिए योजना बनाने में विभाग की भूमिका को रेखांकित किया, जो अबू धाबी आर्थिक दृष्टि 2030 और यूएई ऊर्जा रणनीति 2050 से संरेखित है। इसमें निम्न स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने व सुरक्षित बनाने के लिए रणनीतिक पहल शामिल है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद देती है। डीओई नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत शक्ति, पानी और जिला शीतलन में शामिल ऊर्जा विभाग के प्रमुख स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। अल मरार ने कहा कि अबू धाबी अक्षय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। ऑस्ट्रेलियन इनर्जी वीक में हमारी भागीदारी से कार्यक्रम के सिद्धांत प्रदर्शित करने के लिए हमें मंच मिला। इस वीक ने उद्याेग जगत से जुड़े ऑस्ट्रेलिया व दुनिया के दिग्गजाें काे यूएई की क्षमता, बुनियादी ढांचे, रसद, निवेशकों से अपील, वैश्विक ऊर्जा पूंजी के रूप में इसकी भौगोलिक और सामरिक महत्व से रूबरू कराया। अबू धाबी ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की, साथ ही साथ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने देश में ऊर्जा क्षेत्र को विनियमित करने का काम सौंपा, जिनमें सबसे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई ऊर्जा नियामक, एईआर, ऊर्जा दक्षता परिषद् और ऑस्ट्रेलिया ऊर्जा बाजार ऑपरेटर थे। प्रतिनिधियों ने प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई ऊर्जा कंपनियों के अधिकारियों के साथ-साथ प्रमुख व्यवसायियों और औद्योगिक पेशेवरों के साथ बैठक कीं। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302768064

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