एनवाईयू अबू धाबी के शोधकर्ताओं ने अरब सागर मृत क्षेत्र विस्तार के कारण की खोज की


अबू धाबी, 16 जून, 2019 (डब्ल्यूएएम) - न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय अबू धाबी एनवाईयूएडी काे हाल में किए गए अध्ययन से पता चला है कि अरब खाड़ी तेजी से गर्म होने पर अरब सागर के मृत क्षेत्र का तीव्रता व विस्तार हो सकता है, जिससे ऑक्सीजन-क्षीण पानी यूएई के तट के करीब आ जाएगा। एनवाईयूएडी के सेंटर फॉर प्रोटोटाइप क्लाइमेट मॉडलिंग (सीपीसीएम) के जौहेर लचकर, एनवाईयू में गणित, वायुमंडल व महासागरीय विज्ञान के प्राेफेसर व सह लेखक और मरीना लेवी विकास अनुसंधान संस्थान के उप निदेशक के शफर स्मिथ ने अनुसंधान का नेतृत्व किया। शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर मॉडलिंग और सिमुलेशन का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि अरब की खाड़ी गर्म होने पर अरब सागर में जैव-नाइट्रोजन का निर्जलीकरण और नुकसान हाेगा। इससे संभावित ताैर पर हाइपोक्सिक स्थिति में समुद्री प्रजातियाें के समुद्री निवास में कमी आ सकती है तथा उत्तरी हिंद महासागर में फाइटोप्लांकटन का विकास सीमित हाे सकता है। अरब खाड़ी का ऑक्सीजन-संतृप्त पानी मध्यवर्ती गहराई (200-300 मीटर) तक डूब जाएगा, जिससे दुनिया की सबसे घने ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र (ओएमजेड) हवादार हाेगा। भविष्यवाणी की गई है कि अरब खाड़ी का गर्म होना जारी रहेगा, जिससे वेंटिलेशन की कमी से मृत क्षेत्र की तीव्रता बढ़ेगी। मानव समुद्र का निर्जलीकरण कम करने और मृत क्षेत्र का विस्तार रोकने के लिए सीओ 2 उत्सर्जन में कमी लाकर कर सकता है। लचकर ने कहा कि अरब खाड़ी जैसे सीमांत समुद्र का वैश्विक जलवायु मॉडल में अच्छा प्रतिनिधित्व नहीं है। हमारा अध्ययन यह दिखाने वाला पहला है कि अरब खाड़ी की तरह अर्ध-संलग्न समुद्र में स्थानीय तापमान में बदलाव आएगा। इसके परिणाम न केवल ऑक्सीजन और समुद्र में निवास करने वाले प्रजातियाें पर पड़ेंगे, बल्कि स्थानीय ताैर पर हजारों किलोमीटर दूर पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ेंगे। अनुवादः वैद्यनाथ झा http://wam.ae/en/details/1395302768032

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