रिपोर्टः यूएई में ईयर ऑफ टॉलरेंस को मिली स्थानीय, अंतर्राष्ट्रीय मान्यता


अबू धाबी, 6 अगस्त, 2019 (डब्ल्यूएएम) - यूएई में ईयर ऑफ टॉलरेंस को न केवल स्थानीय स्तर पर मान्यता मिली है, बल्कि इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। इस पहल के शुभारंभ का उद्येश्य दुनिया भर में सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिए प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय निकायों के साथ समन्वय में दीर्घकालिक प्रयासों का समर्थन करना है। इस रिपोर्ट में, अमीरात समाचार एजेंसी, ने जुलाई में सहिष्णुता को मजबूत करने में संयुक्त अरब अमीरात की प्रमुख स्थानीय और वैश्विक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला है। स्थानीय स्तर पर, सरकारी, निजी और मीडिया संगठनों ने 2019 की पहली छमाही के दौरान संयुक्त रूप से 1,400 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जो सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल्यों को सुदृढ़ करने और सांस्कृतिक बहुलतावाद का समर्थन करने के लिए देश के निर्देशों को प्राप्त करने के उनके प्रयासों को दर्शाता है। सुप्रीम नेशनल टॉलरेंस कमेटी के अनुसार, ‘टॉलरेंस इन द कम्युनिटी’ पर सबसे अधिक 687 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जबकि ‘टॉलरेंस इन एजुकेशन’ पर 465 कार्यक्रम आयोजित किए गए। डिप्लोमैटिक मिशन्स ने भी ईयर ऑफ टॉलरेंस की पहली छमाही में 45 कार्यक्रमों का आयोजन किया। सहिष्णुता और समुदाय के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा पूरे समुदाय में सहिष्णुता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अंतर-संवाद को बढ़ावा देना एक स्वस्थ सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण बनाने के लिए महत्वपूर्ण है, जो देश के आधिकारिक एजेंडे का एक प्रमुख उद्देश्य है। इस ढांचे के तहत, एक स्थायी सामाजिक वातावरण में सहिष्णुता को शामिल करने की कई शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थानों की प्राथमिकता है। इसलिए, शिक्षा मंत्रालय ने अगले स्कूल वर्ष के लिए मानव बिरादरी दस्तावेज़ के संबंध में स्कूली छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक योजना का मसौदा तैयार किया। मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स ने अंग्रेजी और अरबी में ग्लोबल ह्यूमन फ्रेटरनिटी कॉन्फ्रेंस का दस्तावेजीकरण करते हुए एक पुस्तक का प्रकाशन किया, जिसे फरवरी 2019 में आयोजित किया गया था। इसमें लगभग 16 धर्मों और धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले 700 से अधिक धर्मगुरुओं ने भाग लिया था। यह सम्मेलन यूएई के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि इसमें कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस व अल अजहर मस्जिद के ग्रैंड इमाम डॉ. अहमद अल तैयब ने साथ में भाग लिया था। अंतर-धार्मिक संवाद को सुदृढ़ करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन यूएई अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उपलब्ध राजनैतिक और कूटनीतिक साधनों का इस्तेमाल कर रहा है। इसने एक मजबूत और स्थायी अंतर-धार्मिक गठबंधन स्थापित करने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। इसने जुलाई में वाशिंगटन में "फेथ एंड रीलीजिस सेक्ट्स लीडर्स मिनिस्टेरियल" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिका के गृह विभाग द्वारा दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। मिनिस्टेरियल के दौरान, मुस्लिम समाजों में शांति को बढ़ावा देने के लिए फोरम और अब्राहमिक परिवार के सदस्यों ने एक नए चार्टर के निर्माण पर चर्चा की, जो दिसंबर में अबू धाबी में जारी किया जाएगा। यूएई, अमेरिका और कई अन्य देशों ने सात बयानों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें प्रौद्योगिकियों के उपयोग और धार्मिक स्वतंत्रता, पूजा स्थलों की रक्षा, धर्मों और विश्वासों का सम्मान करना, गैर-सरकारी अधिकारियों द्वारा धर्मों और विश्वासों का दुरुपयोग व आतंकवाद का मुकाबना करना शामिल है। मिनिस्टेरियल से इतर फरवरी में यूएई में पोप फ्रांसिस की यात्रा पर एक नई वृत्तचित्र "द पीस जर्नी" दिखाया गया। धार्मिक बहुलवाद को बढ़ावा देने में यूएई की भूमिका के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रशंसा धार्मिक बहुलवाद को बढ़ावा देने में यूएई की अग्रणी भूमिका की मान्यता में, संयुक्त राष्ट्र के अलायंस ऑफ सिविलाइजेशंस की प्रतिनिधि, मिगुएल एंजल मोरटिनोस ने धार्मिक बहुलवाद की रक्षा और समर्थन के प्रयासों का आकलन करने के लिए यूएई का दौरा किया। विश्व में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की कार्य योजना का मसौदा तैयार करने के लिए उनके कार्य के हिस्से के रूप में यह यात्रा थी, जिसकी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सौंपी जाएगी। सांस्कृतिक बहुलता की रक्षा के लिए यूएई की रणनीति हाल ही में जारी योजनाओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य धार्मिक अवमानना को कम करके धार्मिक केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पूजा स्थलों का निर्माण करना और विभिन्न धर्मों की रक्षा करना है। अनुवादः एस कुमार.

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