एडीएनओसी भारत में रासायनिक उत्पादन परिसर के लिए 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सहयोग करेगा


अबू धाबी, 17 अक्टूबर, 2019 (डब्ल्यूएएम) -- अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी), अदानी समूह, बीएएसएफ एसई और बोरेलिस एजी ने भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा में एक रासायनिक परिसर की स्थापना के मूल्यांकन के लिए एक संयुक्त व्यवहार अध्ययन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जनवरी 2019 में घोषित बीएएसएफ और अदानी की निवेश योजनाओं का अगला चरण है। एडीएनओसी और बोरेलिस को संभावित भागीदारों के रूप में शामिल किए जाने के साथ ही ये दोनों पक्ष रासायनिक परिसर के लिए विभिन्न संरचना विकल्पों की जांच कर रही हैं। इस परियोजना पर 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का कुल निवेश होने का अनुमान है। मुंद्रा बंदरगाह पर निर्दिष्ट साइट की योजना बनाई गई है। यह उत्पाद मुख्य रूप से भारतीय बाजार के लिए है। मुंद्रा में रासायनिक परिसर में पूरी तरह से अक्षय ऊर्जा संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना है। साझेदार योजनाओं के साथ एक पवन और सौर पार्क में सह-निवेश का मूल्यांकन कर रहे हैं। यह साइट पूरी तरह से अक्षय ऊर्जा द्वारा संचालित होगी जो स्थिरता और ऊर्जा दक्षता के लिए भागीदारों की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। राज्य मंत्री और एडीएनओसी समूह के सीईओ डॉ. सुल्तान बिन अहमद सुल्तान अल जाबेर ने कहा, "यह रोमांचक सहयोग एडीएनओसी की पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी को बढ़ावा देने की रणनीति के अनुरूप है। सबसे तेजी से बढ़ते वैश्विक ऊर्जा बाजार के रूप में भारत डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में हमारी अंतर्राष्ट्रीय विकास महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।"

अदानी समूह के चेयरमैन गौतम अदानी ने कहा, "मुंद्रा पोर्ट में केमिकल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए हम अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर बहुत खुश हैं। हम 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए प्रतिबद्ध हैं और राष्ट्र के निर्माण के साथ विकास के अवसरों को संरेखित करते हैं।"

बीएएसएफ एसई के कार्यकारी निदेशक मंडल के अध्यक्ष डॉ. मार्टिन ब्रुडरमूलर ने कहा, "बीएएसएफ भारत की वृद्धि में निवेश के लिए प्रतिबद्ध है।"

साझेदारों का उद्देश्य 2020 के पहली तिमाही के अंत तक संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन को अंतिम रूप देना है। वहीं 2024 में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अनुवादः एस कुमार.

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