शुक्रवार 03 दिसंबर 2021 - 1:16:50 एएम

चंद्र मिशन सहित इजराइल-यूएई अंतरिक्ष परियोजनाएं शिक्षा को बढ़ावा देंगी, गंभीर मुद्दों से निपटेंगी: इजरायली मंत्री

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दुबई, 20 अक्टूबर, 2021 (डब्ल्यूएएम) -- अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) से बातचीत करते हुए इजराइल के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि चंद्र मिशन सहित संयुक्त अंतरिक्ष परियोजनाओं के लिए इजराइल और यूएई के बीच द्विपक्षीय सौदे शिक्षा का सहयोग करेंगे और मरुस्थलीकरण व जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने में मदद करेंगे। इजराइल के नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओरिट फरकश-हकोहेन ने कहा कि दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच एक समझौता पर हस्ताक्षर किए गए, जो कुछ विशिष्ट परियोजनाओं जैसे "बेयरशीट 2" में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह 2024 में लॉन्च होने वाला इजराइली चंद्रमा मिशन है। डब्ल्यूएएम के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "मुझे और अधिक गर्व है कि हम केवल एक रूपरेखा (समझौते) पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमने पिछले कुछ महीनों का उपयोग दो मंत्रालयों के लोगों की पहचान के लिए विशिष्ट परियोजनाओं (जैसे बेयरशीट 2) पर काम करने के लिए किया है।"

यूएई स्पेस एजेंसी ने बुधवार को घोषणा किया कि उसने आर्थिक विकास और मानव प्रगति में तेजी लाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, अंतरिक्ष अन्वेषण और ज्ञान हस्तांतरण में सहयोग बढ़ाने के लिए इजराइल स्पेस एजेंसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्नत प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री और यूएई अंतरिक्ष एजेंसी की अध्यक्ष सारा बिंत युसेफ अल अमीरी ने फरकश-हकोहेन के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किए। फरकश-हकोहेन ने आगे कहा कि बेयरशीट 2 मूल रूप से एक शैक्षिक परियोजना है, जिसमें दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के सहयोग से चंद्रमा पर एक अंतरिक्ष यान लॉन्च किया गया है। मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष यान द्वारा प्रेषित वैज्ञानिक इमेजेज से दोनों देशों के छात्रों को चंद्रमा और अंतरिक्ष विज्ञान के व्यापक पाठों के बारे में जानने में मदद मिलेगी। बेयरशीट 2 चंद्रमा पर पहुंचने का इजराइल का दूसरा प्रयास है। 2019 में चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए लॉन्च किया गया पहला मिशन "बेयरशीट" लगभग सफल रहा, लेकिन नीचे छूने से कुछ ही मिनट पहले ही यह चंद्रमा पर क्रैश-लैंडेड हो गया। यूएई के अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने पहले ही वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। जुलाई 2020 में लॉन्च की गई होप प्रोब को 9 फरवरी 2021 को मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था, जो वैश्विक अंतरिक्ष दौड़ में अरब दुनिया के प्रवेश को चिह्नित करता है और यूएई लाल ग्रह तक पहुंचने वाला दुनिया में पांचवें देश हैं। यूएई ने इस महीने की शुरुआत में 2028 में लॉन्च होने वाले एक नए अमीराती इंटरप्लेनेटरी मिशन की घोषणा की, जिसका प्राथमिक लक्ष्य मंगल और बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह बेल्ट की खोज करना है, जो पृथ्वी को प्रभावित करने वाले अधिकांश उल्कापिंडों का स्रोत है। इजराइली मंत्री ने आगे कहा कि इजराइल और यूएई के बीच सहयोग की दूसरी परियोजना 2017 में लॉन्च किया गया "वीनस" उपग्रह है, जो इजराइल और फ्रांस के बीच एक संयुक्त परियोजना है। "अब हम चाहते हैं कि अमीरात इस परियोजना में शामिल हो। यह तीन देशों के सहयोग से एक बहुत ही दिलचस्प परियोजना होगी।"

फरकश-हकोहेन ने कहा कि इस उपग्रह के डेटा से सटीक फार्मिंग, जल की निगरानी और मरुस्थलीकरण की जांच में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, "ये सभी क्षेत्र दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम वैश्विक जलवायु संकट के बीच एक रेगिस्तानी जलवायु में कृषि की चुनौतियों से निपट रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे हम सभी को फायदा होगा।"

तीसरा एक उपग्रह परियोजना भी है, जो इजराइल में अरब और गैर-अरब छात्रों के सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए एक अन्य शैक्षिक परियोजना है। "हमें उम्मीद है कि अमीरात भी शांति के संदेश के साथ इस परियोजना में सहयोग कर सकता है।"

यह पूछे जाने पर कि सबसे महत्वपूर्ण परियोजना कौन सी है, मंत्री ने कहा, "ये सभी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। वे ज्ञान साझा करके न केवल आर्थिक लाभ लाते हैं बल्कि दोनों लोगों पर प्रभाव डालकर सामाजिक लाभ भी लाते हैं।"

अनुवादः एस कुमार.

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