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यूएई, जॉर्डन और इजराइल ने स्थिरता परियोजना से जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए सहयोग किया


दुबई, 22 नवंबर, 2021 (डब्ल्यूएएम) -- जॉर्डन, इजराइल और यूएई की सरकारों ने आज अक्षय बिजली और जल विलवणीकरण क्षमता बनाने और क्षेत्र में ऊर्जा व जल सुरक्षा पर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरे को दूर करने की एक ऐतिहासिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए। दुबई एक्सपो में यूएई लीडरशिप पवेलियन में हुए हस्ताक्षर में उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री और जलवायु परिवर्तन के लिए विशेष दूत डॉ. सुल्तान बिन अहमद अल जाबेर और जलवायु के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत जॉन केरी भी थे। घोषणा पर जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री मरियम बिन मोहम्मद अल्महेरी, जॉर्डन के जल और सिंचाई मंत्री मोहम्मद अल-नज्जर और इस्राइल के ऊर्जा मंत्री कैराइन एलहरर ने हस्ताक्षर किए। आशय की घोषणा में दो अन्योन्याश्रित और आकस्मिक घटक होते हैं। एक, समृद्धि ग्रीन, सौर फोटोवोल्टिक संयंत्रों की योजना है, जो जॉर्डन में 600 मेगावाट की क्षमता पैदा करने के लिए इजराइल को निर्यात करने के लिए उत्पादित सभी स्वच्छ बिजली के साथ बनाया जाएगा। दूसरा प्रॉस्पेरिटी ब्लू एक स्थायी जल विलवणीकरण कार्यक्रम है, जिसे जॉर्डन में 200 मिलियन क्यूबिक मीटर तक डिसेलिनेटेड पानी की आपूर्ति करने के लिए इजराइल में बनाया जाना है। परियोजना के लिए व्यवहार्यता अध्ययन 2022 में शुरू होने वाले हैं। घोषणा पर बात करते हुए विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री हिज हाइनेस शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान ने कहा, "मध्य पूर्व के देशों और समुदायों पर पहले से ही जलवायु परिवर्तन का बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। हम 2023 में यूएई में सीओपी28 की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं, हम इस घोषणा के साथ प्रदर्शित करते हैं कि सभी राष्ट्र ऊर्जा संक्रमण को आगे बढ़ाने और सभी के लिए एक अधिक सतत भविष्य बनाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।"

"यूएई इजराइल और जॉर्डन को साथ लाने में एक भूमिका निभाने में प्रसन्न है, जो दोनों देशों की जलवायु सुरक्षा और साझा हितों को मजबूत करता है।"

मोहम्मद अल-नज्जर ने कहा, "जलवायु परिवर्तन और शरणार्थियों की आमद ने जॉर्डन की जल चुनौतियों को और बढ़ा दिया है, हालांकि इस क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने में मदद करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग के कई अवसर हैं।"

डॉ सुल्तान अल जाबेर ने कहा, "आज की उपलब्धि इस बात का एक शक्तिशाली प्रदर्शन है कि कैसे प्रगतिशील जलवायु कार्रवाई न केवल संसाधन सुरक्षा को बढ़ा सकती है, बल्कि लोगों के बीच सेतु बनाने और क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करने का काम भी कर सकती है। यूएई एक ऐसी पहल में योगदान देने में प्रसन्न है, जो स्वच्छ पेयजल के लिए जॉर्डन की पहुंच में सुधार करते हुए इजराइल को अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी। यह एक तरह की समावेशी जलवायु कार्रवाई है, जो तत्काल क्षेत्र से कहीं अधिक व्यावहारिक परिणाम प्राप्त करने के लिए अच्छी नीति, रचनात्मक सोच और सच्ची साझेदारी की भावना को जोड़ती है।"

जॉन केरी ने कहा, "मध्य पूर्व जलवायु संकट की अग्रिम पंक्ति में है। केवल एक साथ काम करने से ही इस क्षेत्र के देश चुनौती के पैमाने तक बढ़ सकते हैं। आज की पहल इस बात का एक स्वागत योग्य उदाहरण है कि कैसे सहयोग ऊर्जा संक्रमण में तेजी ला सकता है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक लचीलापन बना सकता है।"

इजराइल 2030 तक अक्षय स्रोतों से आने वाली अपनी ऊर्जा का 30 फीसदी लक्ष्य कर रहा है, जो पिछले 17 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर है, क्योंकि यह 2050 तक ऊर्जा क्षेत्र में नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करना चाहता है। जॉर्डन दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जल की कमी वाला देश है, जहां प्रति व्यक्ति सिर्फ 80 क्यूबिक मीटर के वार्षिक नवीकरणीय जल संसाधन हैं, जो प्रति व्यक्ति 500 क्यूबिक मीटर की सीमा से काफी नीचे है, जो गंभीर जल की कमी को परिभाषित करता है। यह घोषणा अगस्त 2020 में अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करके संभव हुई है, जिसने यूएई और इजराइल के बीच सहयोग के एक नए युग की शुरुआत की। अनुवादः एस कुमार.

http://wam.ae/en/details/1395302995503

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