वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट: एक स्वस्थ विश्व के लिए एक रूपरेखा का निर्माण

दुबई, 12 फरवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- दुबई में चल रहा वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट (WGS) खुद को गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों से निपटने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में स्थापित कर रहा है। पहले दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने एक सख्त संदेश में कहा: "दुनिया अगली महामारी के लिए तैयार नहीं है।"

उन्होंने छह साल पहले 12 फरवरी, 2018 को अपनी ही चेतावनी को दोहराया, जब उन्होंने WGS में खड़े होकर दुनिया की कमजोरियों की घोषणा की थी। दुख की बात है कि दो साल बाद उनके शब्द भविष्यसूचक साबित हुए जब कोविड-19 आया, जिसने लाखों लोगों की जान ले ली और राष्ट्रों पर विनाशकारी प्रभाव छोड़ा।

इसे स्वीकार करते हुए WHO के सदस्य देशों ने महामारी संबंधी तैयारियों पर एक अंतरराष्ट्रीय समझौता करने के लिए दिसंबर 2021 में जिनेवा में बैठक बुलाई। इस समझौते का उद्देश्य कोविड-19 के दुखद परिणामों की पुनरावृत्ति को रोकना है और इसे अगली विश्व स्वास्थ्य सभा द्वारा अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2024 का समापन 14 फरवरी को 'सुरक्षित भविष्य को आकार देना: महामारी की रोकथाम की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचा' नामक पैनल के साथ होगा, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य शामिल वैश्विक संस्थानों के विशेषज्ञ बोलेंगे।

70 साल पहले अपनी स्थापना के बाद से विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिसमें 194 सदस्य देश हैं, ने जाति, धर्म, राजनीतिक राय या आर्थिक और सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना दुनिया भर में स्वास्थ्य में सुधार करने का लक्ष्य रखा है।

2015 में WHO ने दुबई में एक वैश्विक लॉजिस्टिक हब की स्थापना की, जो दुनिया भर में संगठन के आपातकालीन प्रतिक्रिया अभियानों का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है।

पिछले साल WHO ने दुनिया के हर क्षेत्र तक पहुँचते हुए 81 देशों में आपात स्थिति में 50 मिलियन से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता वितरित की।"

पिछले जनवरी में संगठन ने 2024 तक दुनिया भर में 41 आपात स्थितियों में सबसे कमजोर आबादी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए 1.5 बिलियन डॉलर जुटाने की अपील शुरू की थी।

यह अपील दुनिया भर में पीड़ित 87 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर आपात स्थिति का प्रतिक्रिया देने का प्रयास करती है। आपातस्थितियाँ संघर्ष, जलवायु आपदा, आर्थिक अस्थिरता, लोगों का विस्थापन, भूख और असमानता जैसी जटिल स्थितियों को कवर करती हैं।

अनुवाद - पी मिश्र.