मोहम्मद बिन राशिद: यूएई में वस्तुओं और सेवाओं का गैर-तेल विदेशी व्यापार पहली बार 2023 में एईडी3.5 ट्रिलियन से अधिक

दुबई, 18 फरवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कहा कि राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के नेतृत्व में यूएई अपने गैर-तेल विदेशी व्यापार के आंकड़ों में एईडी3.5 ट्रिलियन को पार करते हुए अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच गया है।

हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद ने कहा, "आज हम घोषणा करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मूवमेंट में वैश्विक मंदी के बावजूद देश के आर्थिक इतिहास में पहली बार यूएई में माल और सेवाओं का गैर-तेल विदेशी व्यापार 2023 में एईडी3.5 ट्रिलियन से अधिक हो गया है।"

हिज हाइनेस ने कहा, “हमने 2023 की शुरुआत में संकेत दिया था कि यह एक रिकॉर्ड आर्थिक वर्ष होगा। यूएई ने व्यापक साझेदारी समझौतों के माध्यम से सहयोग के नए सेतु स्थापित किए हैं। इस प्रकार शीर्ष दस व्यापारिक साझेदारों के साथ हमारे विदेशी व्यापार में 26 फीसदी, तुर्की के साथ 103 फीसदी से अधिक, हांगकांग-चीन के साथ 47 फीसदी और अमेरिका के साथ 20 फीसदी की वृद्धि हुई।''

हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद ने कहा, यूएई आज अंतरराष्ट्रीय व्यापार आंदोलन के केंद्र में है। सभी के प्रति हमारी आर्थिक प्रतिबद्धता जारी हैं।”

वैश्विक व्यापार की चुनौतियों पर काबू पाना

देश के गैर-तेल विदेशी व्यापार की रिकॉर्ड वृद्धि 2023 में गैर-तेल निर्यात के मूल्य में निरंतर वृद्धि के साथ हुई, जो 2022 की तुलना में 16.7 फीसदी की वृद्धि दर के साथ एईडी441 बिलियन (120 बिलियन डॉलर) से अधिक हो गई और 2023 का निर्यात 2018 के निर्यात के दोगुने से भी अधिक है और 2019 के निर्यात को दोगुना करने के करीब है क्योंकि उनमें 2021 की तुलना में 28 फीसदी की वृद्धि हुई है और साथ ही 2020 की तुलना में 66 फीसदी की वृद्धि हुई है और 2019 की तुलना में 84 फीसदी की वृद्धि हुई है।

देश के कुल विदेशी व्यापार में गैर-तेल निर्यात का योगदान बढ़कर 17.1 फीसदी हो गया, जो 2019 में 14.1 फीसदी और 2018 में 13 फीसदी था।

कुल विदेशी व्यापार और गैर-तेल निर्यात दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ पुन: निर्यात में भी समान वृद्धि हुई, जिसने 2022 की तुलना में 6.9 फीसदी की वृद्धि के साथ एईडी 690 बिलियन (188 बिलियन डॉलर) और 2021 की तुलना में 27.7 फीसदी की वृद्धि दर हासिल की। 2020 को छोड़कर हाल के वर्षों में पुन: निर्यात में वृद्धि का रुझान जारी रहा, जिसे कोविड-19 महामारी और दुनिया भर में बंद के कारण एक असाधारण वर्ष माना जाता है।

आयात भी बढ़कर एईडी1.4 ट्रिलियन (380 बिलियन डॉलर) हो गया, जो 2022 की तुलना में 14.2 फीसदी की वृद्धि है। शीर्ष 10 आयातित वस्तुओं ने 2022 की तुलना में 2023 में 20.9 फीसदी की वृद्धि हासिल की और बाकी वस्तुओं में 6.3 फीसदी की वृद्धि हुई। सबसे महत्वपूर्ण आयातित वस्तुएं सोना, टेलीफोन, पेट्रोलियम तेल, कारें और हीरे हैं।

सेवाओं में यूएई व्यापार की रिकवरी

2023 में यूएई का सेवा व्यापार अधिशेष बढ़कर एईडी207 बिलियन हो गया, जो 2021 में एईडी96.26 बिलियन से अधिक है, जो वैश्विक सेवा निर्यात में इसकी हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि का संकेत देता है। यात्रा और पर्यटन, आईसीटी, पेशेवर और वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, चिकित्सा पर्यटन, इस्लामी वित्तीय सेवाएं, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देखा।

शीर्ष 10 व्यापारिक साझेदारों के साथ यूएई का व्यापार विकास

2023 में अपने शीर्ष 10 साझेदारों के साथ यूएई का गैर-तेल व्यापार काफी बढ़ गया। तुर्किये के साथ व्यापार, जिसका कुल योगदान 5.1 फीसदी था, 103.7 फीसदी बढ़ गया, जो शीर्ष 10 में सबसे अधिक है। इसके बाद सितंबर में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का कार्यान्वयन हुआ। अन्य उल्लेखनीय वृद्धि हांगकांग-चीन (47.9 फीसदी) के साथ थी, जो अब यूएई के शीर्ष दस व्यापारिक साझेदारों, अमेरिका (20.1 फीसदी) और चीन (4.2 फीसदी) में आठवें स्थान पर है। भारत के साथ व्यापार, जिसका मई 2022 से समान समझौता है, 3.9 फीसदी की वृद्धि हुई, जो कुल व्यापार का 7.6 फीसदी से अधिक है।

शीर्ष 10 साझेदारों को गैर-तेल निर्यात में 26.9 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमें 2023 के आखिरी पांच महीनों में संयुक्त अरब अमीरात के निर्यात में तुर्किये का योगदान लगभग 60 फीसदी था और यह सितंबर में लागू हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के प्रभाव को रेखांकित करता है। भारत यूएई निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता था।

चीन यूएई का प्रमुख व्यापारिक भागीदार बना रहा, उसके बाद भारत, अमेरिका, सऊदी अरब और तुर्किये रहे। अगले पांच में इराक, स्विट्जरलैंड, हांगकांग, जापान और ओमान थे।

अनुवाद - पी मिश्र.