अबू धाबी, 7 मार्च 2024 (डब्ल्यूएएम) -- TRENDS इंटरनेशनल एजुकेशन कॉन्फ्रेंस के दूसरे संस्करण में प्रतिभागियों ने पहचान बनाए रखने और सकारात्मक युवा व्यवहार का सहयोग करने के लिए नई शैक्षिक नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन, "डिजिटल युग में शिक्षा और पहचान...पहचान को संरक्षित करने और युवा व्यवहार को आकार देने के लिए प्रस्तावित रणनीतियां," ने प्रभावी शैक्षिक रणनीतियों को विकसित करने के लिए शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और निर्णय निर्माताओं के बीच बातचीत और आदान-प्रदान बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
वक्ताओं ने बताया कि शिक्षा वह किला है जो राष्ट्रीय पहचान की रक्षा करती है, जिसके लिए समाज के मूल्यों और परंपराओं का सहयोग करने और राष्ट्रीय अपनत्व की भावना को बढ़ाने में अपनी भूमिका को मजबूत करना आवश्यक है। योगदानकर्ताओं ने शिक्षा के विभिन्न चरणों, विशेषकर प्रारंभिक शिक्षा में मूल्यों और नैतिकता की प्रणाली को मजबूत करने और व्यक्तियों और समुदायों की समावेशी राष्ट्रीय पहचान को संरक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत करने के महत्व को रेखांकित किया।
अंतिम सिफारिशें ट्रेंड्स दुबई कार्यालय के प्रमुख फहद अल माहरी द्वारा दी गईं। उन्होंने आधुनिक और नवीन शैक्षिक प्रणालियों को विकसित करने के देशों के प्रयासों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जो छात्रों और शैक्षिक संस्थानों को बढ़ती ज्ञान अर्थव्यवस्था में योगदान करने के लिए तैयार करते हैं। चौथी औद्योगिक क्रांति की आवश्यकताओं के अनुरूप ढलने और राष्ट्रीय पहचान को संरक्षित करने के आधार के रूप में अरबी भाषा और राष्ट्रीय मूल्यों की प्रणाली में रुचि को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
TRENDS रिसर्च एंड एडवाइजरी ने "TRENDS AR" के लॉन्च के साथ अपना अभिनव आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जो संवर्धित वास्तविकता के लिए ऐप्पल के विजन प्रो चश्मे का उपयोग करके केंद्र के प्रकाशनों, अनुसंधान, अध्ययन और विभिन्न ज्ञान उत्पादों को ब्राउज करने की अनुमति देता है। यह उन्नत तकनीक पाठकों को आभासी दुनिया तक पहुंचने, किताबें और प्रकाशन पढ़ने, वेबसाइट और ट्रेंड्स के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाने और इसके शोध, ज्ञान, प्रशिक्षण और सलाहकार सेवाओं के बारे में आसानी से जानने में सक्षम बनाती है।
बहरीन के शिक्षा मंत्री डॉ. मोहम्मद बिन मुबारक जुमा ने कहा कि शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन का तात्पर्य सीखने की प्रक्रिया में सुधार करने और एक उन्नत और नई शैक्षिक वातावरण प्रदान करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना है।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक प्रक्रिया को विकसित करने और व्यवहार और सीखने के स्वीकार्य स्तर को प्राप्त करने में पेरेंट्स की भूमिका महत्वपूर्ण है।
बिब्लियोथेका एलेक्जेंड्रिना के निदेशक प्रोफेसर अहमद जायद ने बताया कि राष्ट्रीय पहचान के सामने सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक विदेशों से सांस्कृतिक, बौद्धिक और मीडिया चर का बड़ा प्रवाह है। इसलिए राष्ट्रीय संस्कृति को बढ़ाना आवश्यक है जिसके माध्यम से मजबूत सामुदायिक एकजुटता हासिल की जा सके जो इन उभरती चुनौतियों पर काबू पा सके।
ट्रेंड्स रिसर्च एंड एडवाइजरी के सीईओ डॉ. मोहम्मद अब्दुल्ला अल-अली ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि विभिन्न समाजों में पहचान और इसे कैसे संरक्षित किया जाए, इस पर डिबेट लगातार जारी है। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुप्रयोगों के तेजी से विकास के मद्देनजर यह GCC देशों में असाधारण गति प्राप्त कर रहा है।
बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल डेवलपमेंट के कार्यकारी निदेशक इमान फैसल जनाही ने सम्मेलन में स्वागत स्पीच दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरब पहचान को उन नकारात्मक संस्कृतियों को रोपने के प्रयासों के माध्यम से कई खतरों का सामना करना पड़ा है जो इसके लिए विदेशी हैं। इस प्रतिकूल प्रभाव को रोकने और युवाओं और बच्चों में प्रामाणिक अरब मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सभी को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसका मतलब यह होगा कि हर कोई एक समृद्ध भविष्य का आनंद ले सकता है और मातृभूमि की उपलब्धियों की रक्षा करने में सक्षम पीढ़ियों का निर्माण कर सकता है।
सम्मेलन की शुरुआत पहले सत्र "बदलती दुनिया में शिक्षा और पहचान... चुनौतियां और जोखिम" से हुई। चर्चा का संचालन बहरीन में मीडिया और रणनीतिक सलाहकार डॉ. लोलवा बौड्लम्मा ने किया।
बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल डेवलपमेंट के न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अली बिन मोहम्मद अल-रुमैही ने "राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक तंत्र और उपकरणों" के बारे में बात की।
बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल डेवलपमेंट के न्यासी बोर्ड की उपाध्यक्ष डॉ. शेखा मे बिन्त सुलेमान अल-ओताबी ने बहरीन में अल-बायन स्कूल के अनुभव की समीक्षा की, जो बहरीन शिक्षक उपकरणों के विकास के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान का सहयोग करने में एक मॉडल है।
अजमान विश्वविद्यालय में मानविकी और सामाजिक विज्ञान केंद्र की प्रमुख डॉ. सौम्या अब्देलतिफ ने कहा कि शिक्षा युवाओं को नागरिकता, नेतृत्व के मूल्यों और तेजी से बदलावों के अनुकूल होने की क्षमता के साथ सशक्त बनाने के लिए एक प्रमुख चालक के रूप में उभर रही है। सांस्कृतिक जड़ों को बढ़ावा देने के नई तरीकों के बारे में सोचते समय डिजिटल युग द्वारा प्रदान किए गए अवसरों का लाभ उठाया जाना चाहिए।
शारजाह विश्वविद्यालय में रिसर्च आउटरीच विभाग की अध्यक्ष डॉ. नूरा अल-कार्बी ने "शिक्षा के भविष्य को आकार देने में अनुप्रयुक्त वैज्ञानिक अनुसंधान रणनीति: राष्ट्रीय प्राथमिकताएं और सरकारी प्रतिक्रिया" के बारे में बात की।
दूसरे सत्र में "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति के युग में शिक्षा और पहचान" विषय पर चर्चा हुई। चर्चा का संचालन ट्रेंड्स ग्लोबल सेक्टर के प्रमुख अवद अल-ब्रैकी ने किया।
अनुवाद - पी मिश्र.