यूएई GBC ने पेरिस में लैंगिक समानता पर OECD फोरम में भाग लिया

दुबई, 13 जून 2024 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई जेंडर बैलेंस काउंसिल (UAE GBC) ने 10 और 11 जून को पेरिस में आयोजित "लैंगिक समानता: वैश्विक बदलावों को नेविगेट करना" विषय पर आर्थिक सहयोग व विकास संगठन (OECD) फोरम में भाग लिया। इस महत्वपूर्ण फोरम में दुनिया भर की सरकारों, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के लीडर साथ आए।

फोरम का उद्देश्य स्थिरता, ऊर्जा, जलवायु और डिजिटल परिवर्तन की तीव्र गति में वैश्विक बदलावों के बीच लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली रणनीतियाँ तैयार करना था। दोनों दिनों में लिंग से संबंधित अनूठी चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की गई। डिजिटल युग और संधारणीय पहलों दोनों में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग और विकास के महत्व पर जोर देते हुए अभिनव रणनीतियों और नीतियों की खोज की गई।

सरकारी उपकरणों और डेटा का उपयोग

यूएई जेंडर बैलेंस काउंसिल की उपाध्यक्ष मोना घनम अल मैरिज ने "समावेशी वैश्विक बदलावों के लिए सरकारी उपकरणों और डेटा का लाभ उठाना" विषय पर OECD सत्र में भाग लिया। इस सत्र में इस बात पर चर्चा की गई कि सरकारें लैंगिक समानता प्राप्त करने और संबंधित चुनौतियों पर काबू पाने के लिए ग्रीन और डिजिटल परिवर्तनों को कैसे अपना सकती हैं। इसमें इन परिवर्तनों से उत्पन्न बाधाओं व अवसरों पर प्रकाश डाला गया और सरकारों द्वारा उठाए जा सकने वाले व्यावहारिक कदमों की पेशकश की गई। मुख्य बिंदुओं में शामिल था कि कैसे नीतियां, कार्यक्रम, पहल और उन्नत प्रौद्योगिकी लैंगिक अंतर को कम करने में मदद कर सकती हैं और लैंगिक संतुलन पहलों के साथ ग्रीन और डिजिटल एजेंडा को बढ़ाने के लिए प्रभावी बजट सुनिश्चित कर सकती हैं।

इस सत्र में कई प्रभावशाली वक्ताओं ने भाग लिया। ब्रिटिश टीवी प्रस्तोता और पत्रकार फेमी ओके ने चर्चा का कुशलतापूर्वक संचालन किया।

मोना अल मैरिज ने यूएई जेंडर बैलेंस काउंसिल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जिसका नेतृत्व हिज हाइनेस शेखा मनल बिन्त मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने किया है, ताकि प्रभावशाली वैश्विक साझेदारी बनाई जा सके। उन्होंने वैश्विक स्तर पर लैंगिक संतुलन को आगे बढ़ाने के लिए यूएई के समर्पण खासकर प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, स्थिरता और ग्रीन अर्थव्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने नेतृत्व और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, जो अंतरराष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्यों में यूएई के महत्वपूर्ण योगदान के साथ संरेखित है।

उन्नत प्रौद्योगिकी और स्थिरता

अल मैरिज ने बताया कि यूएई ने विभिन्न नीतियों और पहलों के माध्यम से ग्रीन और डिजिटल परिवर्तनों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। यूएई की व्यापक रणनीति ग्रीन और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में अमीराती महिलाओं के सशक्तीकरण और लैंगिक संतुलन को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस रणनीति में निर्णय लेने, शिक्षा व प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसरों में महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देने की पहल शामिल है।

उन्होंने यूएई जेंडर बैलेंस काउंसिल द्वारा शुरू की गई "चौथी औद्योगिक क्रांति में जेंडर बैलेंस के लिए रूपरेखा" पहल पर भी प्रकाश डाला। विश्व आर्थिक मंच के सहयोग से विकसित यह अग्रणी पहल सरकारों, निजी क्षेत्र और शिक्षाविदों को प्रभावी रूप से लिंग संतुलन हासिल करने और अधिक न्यायसंगत भविष्य बनाने में मदद करने के लिए एक वैश्विक मार्गदर्शिका है।

अल मैरिज ने प्रौद्योगिकी, ग्रीन परिवर्तन और स्थिरता क्षेत्रों में अंतराल को पाटने के लिए यूएई के प्रयासों पर चर्चा की।

मोना अल मैरिज ने इस बात पर जोर दिया कि इन क्षेत्रों में नेतृत्व पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व इन क्षेत्रों में अधिक महिलाओं को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रयासों की सराहना

मोना अल मैरिज ने उन संस्थानों को मान्यता देने के महत्व पर जोर दिया, जो अपनी रणनीतियों में लिंग संतुलन नीतियों को एकीकृत करते हैं। इस तरह की मान्यता अन्य संगठनों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने यूएई के राष्ट्रीय लिंग संतुलन सूचकांक पर प्रकाश डाला, जो सालाना उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करता है जो देश भर में लिंग संतुलन का सहयोग करते हैं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने "यूएई निजी क्षेत्र में महिला नेतृत्व को गति देने के लिए SDG 5 प्रतिज्ञा" पहल का उल्लेख किया, जिस पर विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में 64 से अधिक अंतरराष्ट्रीय व स्थानीय संस्थानों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। यह प्रतिज्ञा 2025 तक नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को 30 फीसदी तक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी चर्चा की कि कैसे उन्नत प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर दुनिया भर की सरकारों को सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों में लैंगिक संतुलन के अंतर को पहचानने और उसे दूर करने में मदद मिल सकती है।

लिंग संवेदनशील बजट

लिंग संतुलन के साथ ग्रीन और डिजिटल परिवर्तनों को आगे बढ़ाने में बजट प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण उपायों को संबोधित करते हुए मोना अल मैरिज ने जोर देकर कहा कि इन बजटों में लिंग संतुलन को शामिल करना महिलाओं की जरूरतों और आवश्यकताओं को सकारात्मक रूप से एकीकृत करता है। उन्होंने STEM क्षेत्रों में महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें ग्रीन उद्योगों में लीडर्स के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए धन आवंटित करने के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे लिंग-समावेशी बजट तैयार हो सके। राष्ट्रीय स्तर पर यूएई जेंडर बैलेंस काउंसिल, वित्त मंत्रालय के सहयोग से लिंग-उत्तरदायी बजट परियोजना पर काम कर रही है।

WAM / संतोष कुमार