अबू धाबी, 19 जून 2024 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई में गर्मियां शुरू होते ही आमतौर पर "पहले खजूर के फल पकने" का समय आता है, जिसे स्थानीय स्तर पर "तबाशीर अल-रुतब" के नाम से जाना जाता है, यह एक ऐसा क्षण है जिसका अमीरातवासी फसल कटाई के मौसम के शुरू होने पर अत्यधिक उत्साह के साथ बेसब्री से इंतजार करते हैं।
ये भावुक पुरानी यादें-संचालित भावनाएं यूएई के लोगों और खजूर के बीच एक जटिल रिश्ते और प्रेम व श्रद्धा के लंबे इतिहास का उत्पाद हैं। यह एक मौलिक प्रतीक है, जो आज भी उनके जीवन में उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उनके पूर्वजों के लिए था।
स्थानीय खेतों से पहली फसल आने के साथ ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है, जो जून की शुरुआत में खजूर के शौकीनों की बड़ी भीड़ को आकर्षित करती है। "अल-नघल" और "अल-खत्री" जैसी जल्दी पकने वाली किस्में "अल-खनीजी", "अल-खलास" और "अल-जबरी" जैसी अन्य किस्मों के पकने का संकेत देती हैं, जो अगस्त तक जारी रहती हैं और "अल-खसब" और "अल-हिलाली" जैसी किस्मों के साथ समाप्त होती हैं।
अतीत में खजूर हर अमीराती परिवार के लिए महत्वपूर्ण थे। वे साल भर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते थे क्योंकि वे भंडारण और संरक्षण के विभिन्न तरीकों को बनाए रख सकते थे। आज यूएई समाज में स्मारकीय विकास के बावजूद खजूर अभी भी सामूहिक स्मृति में एक विशेष स्थान रखते हैं। यह अमीराती रीति-रिवाजों और देश की अनूठी खाद्य संस्कृति के साथ जुड़ा हुआ है। इस तरह गर्मियों की शुरुआत (फसल का मौसम) नए आशावाद और आशीर्वाद का प्रतीक बन गई।
यूएई के लोगों के लिए खजूर असीमित दान और आशीर्वाद का प्रतीक है, जो न केवल अपने स्वादिष्ट फल बल्कि इसके विभिन्न भागों जैसे कि पत्ते और शाखाओं को भी प्रदान करता है, जिनका पारंपरिक रूप से घर और बाहर दोनों जगह दैनिक जीवन के लिए आवश्यक उपकरण बनाने के लिए उपयोग किया जाता था। खजूर का पेड़ अमीराती विरासत की आधारशिला भी है, क्योंकि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है।
अमीराती विरासत और सामूहिक स्मृति में इसके महत्व को पहचानते हुए देश ने इस पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे इसका दर्जा और भी ऊंचा हो गया है, जिसमें ताड़ के पेड़ों की खेती, प्रासंगिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने, अध्ययन करने और किसानों को प्रोत्साहित करने और इस अनोखे पेड़ के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उत्सव व पुरस्कार आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये सभी कदम यूएई के संस्थापक पिता स्वर्गीय शेख जायद बिन सुल्तान अल नहयान के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिन्होंने खजूर की खेती को विकसित और विस्तारित करके इसे बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है।
अबू धाबी के अल धफरा क्षेत्र में तबाशीर अल-रुतब के कई अर्थ हैं। फसल के आने का संकेत देने के अलावा यह खजूर के पेड़ से जुड़े क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक के आने का भी प्रतीक है।
अनुवाद - पी मिश्र.