मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल वाटर अवार्ड का वैश्विक जल संकट के लिए स्थायी समाधान खोजने में योगदान

दुबई, 23 जून 2024 (डब्ल्यूएएम) -- उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा इसकी शुरुआत किए जाने के बाद से मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल वाटर अवार्ड में नए परियोजनाओं के प्रकार, लाभार्थियों और भाग लेने वाले देशों की संख्या में वृद्धि और पुरस्कार श्रेणियों की विस्तृत श्रृंखला के संदर्भ में उल्लेखनीय विकास हुआ है।

कुल 1 मिलियन डॉलर के पुरस्कार के साथ इस द्विवार्षिक पुरस्कार का उद्देश्य दुनिया भर में जल की कमी की समस्या के लिए अभिनव समाधान विकसित करने को प्रोत्साहित करना है।

यह पुरस्कार यूएई वाटर एड फाउंडेशन (Suqia UAE) द्वारा पर्यवेक्षण किया जाता है और इसने संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों व नवप्रवर्तकों का ध्यान आकर्षित किया है और यह नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके वैश्विक जल संकट के लिए व्यावहारिक और स्थायी समाधान विकसित करने के लिए एक वैश्विक मंच बन गया है।

Suqia यूएई के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के चेयरमैन सईद मोहम्मद अल टायर ने कहा, "हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के सहयोग से मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल वाटर अवार्ड ने दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान प्रदान करने, कम विकसित समुदायों को चुनौतियों का मुकाबला करने और सतत विकास प्राप्त करने में मदद करने के लिए यूएई के प्रयासों का सहयोग करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका साबित की है। 2015 में अपनी स्थापना के बाद से Suqia यूएई की परियोजनाओं से दुनिया भर में 14.9 मिलियन लोग लाभान्वित हुए हैं।"

पिछले चक्रों की तरह ही मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल वाटर अवार्ड के चौथे चक्र ने कंपनियों, शोध केंद्रों, संगठनों और नवप्रवर्तकों का काफी ध्यान आकर्षित किया है। पुरस्कार के पिछले 3 चक्रों में 22 देशों के 31 विजेताओं को सौर, विंड, बायोमास, महासागर, ग्रेडिएंट लवणता और भूतापीय प्रौद्योगिकियों सहित नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके जल विलवणीकरण और शुद्धिकरण में उनकी अभिनव परियोजनाओं के लिए पुरस्कृत किया गया।

पुरस्कार के तीसरे चक्र में 8 देशों के कुल 11 विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिसमें दुनिया भर के 56 देशों की भागीदारी थी। दूसरे चक्र में 8 देशों के 10 विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिसमें 39 देशों की भागीदारी थी। पहले चक्र में 8 देशों के 10 विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिसमें 43 देशों की भागीदारी थी।

अनुवाद - पी मिश्र.