शारजाह, 24 जून 2024 (डब्ल्यूएएम) -- अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह (AUS) के एक अनुसंधान दल ने दो प्रकाशमान सेंसर विकसित किए हैं। यह कीटनाशकों और केमिकल वारफेयर एजेंटों (CWA) जैसे फास्फोरस युक्त विषैले यौगिकों की सूक्ष्म मात्रा का पता लगा सकते हैं, जो मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध प्रौद्योगिकी में सुधार है।
नए सेंसरों का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिनमें CWA का पता लगाने के लिए सैन्य व रक्षा, कृषि क्षेत्रों में कीटनाशक संदूषण का पता लगाने के लिए पर्यावरण निगरानी, जहरीले रसायनों की उपस्थिति की निगरानी के लिए औद्योगिक क्षेत्र, रासायनिक रिसाव या उत्सर्जन के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया, सार्वजनिक सुरक्षा, अनुसंधान व विकास व कई अन्य शामिल हैं।
AUS प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यालय ने अमेरिका पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय के साथ प्रौद्योगिकी के लिए एक अनंतिम पेटेंट के लिए आवेदन किया है। AUS फैकल्टी रिसर्च ग्रांट द्वारा वित्त पोषित, डॉ. इमाद अबू-यूसेफ और डॉ. सोफियान कानन दोनों जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अब एक सेंसर प्रोटोटाइप विकसित करने की प्रक्रिया में हैं।
परियोजना के प्रमुख डॉ. कानन ने कहा, "ये सेंसर संवेदनशील और चयनात्मक होते हैं, जिसका मतलब है कि वे इन यौगिकों की छोटी मात्रा का भी पता लगा सकते हैं। इन विषैले यौगिकों के संपर्क में आने पर प्रकाशमान सेंसर मात्र 30 सेकंड के भीतर अपना रंग बदल लेते हैं।"
डॉ. कानन ने कहा, "यह शोध जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभाग की शोध सुविधाओं में 10 महीने से अधिक समय तक चला। इसमें संश्लेषण रणनीतियों की योजना बनाने, संश्लेषित सेंसरों की विशेषता का निर्धारण करने और सेंसरों की संवेदनशीलता और चयनात्मकता को अनुकूलित करने के लिए CWA सिमुलेंट के साथ वास्तविक परीक्षण करना शामिल था।"
WAM / संतोष कुमार