मानवाधिकारों की स्थायी समिति ने सार्वजनिक नीति में महिलाओं की भागीदारी को आगे बढ़ाने पर एक प्रेरक चर्चा का आयोजन किया

अबू धाबी, 25 जून 2024 (डब्ल्यूएएम) -- कूटनीति में महिलाओं के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यूएई की मानवाधिकारों की स्थायी समिति (PCHR) ने अनवर गर्गश डिप्लोमैटिक अकादमी (AGDA) के सहयोग से और ब्रिटिश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड कम्पेरेटिव लॉ (BIICL) के वैचारिक सहयोग से सार्वजनिक नीति में महिलाओं की भागीदारी पर एक प्रेरक फायरसाइड चैट का आयोजन किया।

कल आयोजित इस कार्यक्रम में यूएई और यूरोप के सरकारी अधिकारी व राजनयिक एकत्रित हुए और उन्होंने इस बात पर विचार किया कि किस प्रकार लैंगिक समावेशी नीतियों और नेतृत्व को सुगम बनाया जा सकता है। सार्वजनिक जीवन में, चाहे वह मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से हो या सतत विकास के दृष्टिकोण से महिलाओं की समान भागीदारी, मानक और विधायी ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। सभी वक्ताओं ने इस बात पर विचार किया कि महिलाओं को मंच पर स्थान दिलाना समग्र रूप से समावेशी और व्यापक नीति विकसित करने के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

PCHR के निदेशक हिंद अल ओवैस ने आज तक की प्रगति और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं तक पहुँच को व्यापक बनाने के लिए आगे की राह पर विचार करके कार्यक्रम की शुरुआत की। सार्वजनिक सेवा में महिलाओं के योगदान का जश्न मनाते हुए अल ओवैस ने उन महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों पर प्रकाश डाला जिन्होंने कूटनीति, वैश्विक शांति और अंतर्राष्ट्रीय विकास के क्षेत्रों में अग्रणी योगदान दिया है।

अल ओवैस ने जनरल वुमन यूनियन (GWU) की अध्यक्ष, सुप्रीम काउन्सिल फॉर मदरहूड एंड चाइल्डहूड की अध्यक्ष व फैमिली डेवलपमेन्ट फाउन्डेशन (FDF) की अध्यक्ष (मदर ऑफ द नेशन) हर हाइनेस शेखा फातिमा बिन्त मुबारक के दृष्टिकोण और प्रयासों पर विचार किया। हर हाइनेस शेखा फातिमा बिन्त मुबारक ने अपनी मजलिस में महिलाओं को एकत्र करके और सभी सात अमीरातों में फैले संगठनों का एक नेटवर्क बनाकर जनरल महिला संघ की स्थापना की, जो शिक्षा से लेकर सभी क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय मंच बन गया।

अल ओवैस ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक नीति में महिलाओं की पूर्ण और समान भागीदारी के लिए न केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, बल्कि सहायक नीतियों, कानूनी सुरक्षा और संस्थागत तंत्रों का एक व्यापक ढांचा भी होना चाहिए, जो यह सुनिश्चित करे कि महिलाओं के पास प्रभावी रूप से शामिल होने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर हों। इन ढांचों के साथ यूएई महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में प्रमुख पदों पर रहने में सहायता करने में सक्षम रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी और सामुदायिक विकास मंत्री शम्मा बिन्त सुहैल फारिस अल मजरुई से लेकर COP28 के लिए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन उच्च-स्तरीय चैंपियन और प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ के अध्यक्ष राजन अल मुबारक और यूएई के विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों की सहायक मंत्री और संयुक्त राष्ट्र में यूएई की पूर्व स्थायी प्रतिनिधि लाना नुसेबीह तक, इन महिलाओं ने कई अन्य के साथ नीति विकास और कूटनीति में अग्रणी भूमिका निभाई है, जो यूएई के संस्थापक पिता स्वर्गीय शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध थे कि महिलाओं को राष्ट्र के निर्माण में समान भागीदार के रूप में मान्यता दी जाए।

AGDA की वरिष्ठ अनुसंधान फेलो डॉ. सारा चेहब द्वारा संचालित इस फायरसाइड चैट में प्रतिष्ठित वक्ताओं के विचार सुने गए, जिनमें यूएई में बेल्जियम के राजदूत एंटोनी डेलकोर्ट, यूएई के विदेश मंत्रालय में सामरिक संचार निदेशक अफरा अल हमेली और यूएई संघीय राष्ट्रीय परिषद में यूरोपीय मामलों के अनुभाग की प्रमुख रूधा अलशेही शामिल थे।

सभी वक्ताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त किया कि अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय कानून महिलाओं को सार्वजनिक नीति और निर्णय लेने में समान अवसर सुनिश्चित करने में एक शक्तिशाली भूमिका निभाते हैं, जिसमें लैंगिक असमानताओं को दूर करने के लिए विशेष उपाय शुरू करने से लेकर महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (CEDAW), बीजिंग प्लेटफॉर्म फॉर एक्शन और अन्य उपकरणों जैसे ऐतिहासिक ढांचे के माध्यम से कानूनी सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है।

डेलकोर्ट ने कहा, "हमें महिलाओं की भागीदारी को व्यापक बनाने के लिए शैक्षिक और व्यावसायिक विकास कार्यक्रम शुरू करने होंगे, जो महिलाओं को सार्वजनिक सेवा में प्रवेश करने के लिए सशक्त बनाते हैं। आत्मविश्वास को प्रेरित करने से लेकर नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने तक, हमें अगली पीढ़ी की महिला प्रतिभा को सफलता के लिए तैयार करना होगा।"

अफरा अल हमेली ने कहा, "सार्वजनिक नीति में महिलाओं की भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता यूएई के DNA का हिस्सा है। अमीराती महिलाओं ने हमारे नेतृत्व की मार्गदर्शक दृष्टि की बदौलत उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिन्होंने सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिकाओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत किया है और देश के राष्ट्रीय विकास में महिलाओं को महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में सशक्त बनाया है। आज यूएई लगातार महिला सशक्तिकरण को मापने वाले क्षेत्रीय व वैश्विक सूचकांकों में उच्च स्थान पर है, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में हमारे देश के सक्रिय रुख को उजागर करता है।"

अनुवाद - पी मिश्र.