दुबई, 2 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी के अध्यक्ष हिज हाइनेस शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम ने दुबई डिमांड साइड मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी 2050 (डीएसएम स्ट्रेटेजी 2050) को अपडेट करने के लिए 2024 का निर्देश संख्या 1 जारी किया है।
यह कदम दुबई में व्यापक सतत विकास हासिल करने के लिए उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दृष्टिकोण और निर्देशों के अनुरूप है।
अपडेट DSM रणनीति में 12 कार्यक्रम शामिल हैं। इनमें नेट जीरो रेडी - नई इमारतें; बिल्डिंग रेट्रोफिट्स; वाणिज्यिक एवं सरकारी क्षेत्र दक्षता; औद्योगिक क्षेत्र दक्षता; आउटडोर लाइटिंग; कुशल शीतलन; मानक एवं लेबल; उपभोक्ता व्यवहार; वितरित ऊर्जा; पुनर्चक्रित जल उपयोग एवं दक्षता; कुशल गतिशीलता एवं स्मार्ट चार्जिंग और ईंधन एवं इंजन दक्षता शामिल हैं।
इस रणनीति के कार्यान्वयन में शामिल संस्थाओं में दुबई विद्युत एवं जल प्राधिकरण (DEWA), दुबई नगर पालिका, सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण, दुबई अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन, एतिहाद ऊर्जा सेवाएं, विद्युत एवं जल के लिए विनियामक एवं पर्यवेक्षी ब्यूरो, उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दुबई फ्री जोन्स काउंसिल और अन्य सरकारी एवं निजी क्षेत्र की संस्थाएं शामिल हैं।
दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी (DSCE) संबंधित संगठनों के सहयोग से 2013 से दुबई डिमांड साइड मैनेजमेंट रणनीति को क्रियान्वित कर रही है।
DSM रणनीति यूएई नेट जीरो रणनीति 2050, यूएई राष्ट्रीय ऊर्जा और जल मांग पक्ष प्रबंधन कार्यक्रम 2050, दुबई स्वच्छ ऊर्जा रणनीति 2050, दुबई नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन रणनीति 2050 के साथ संरेखित है, जिसका उद्देश्य 2050 तक दुबई की कुल बिजली क्षमता का 100 फीसदी स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से प्रदान करना है और दुबई आर्थिक एजेंडा D33, जिसका लक्ष्य 2033 तक दुबई के सकल घरेलू उत्पाद को दोगुना करना है।
दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी के अध्यक्ष सईद मोहम्मद अल टायर ने कहा, "ग्रीन अर्थव्यवस्था और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दृष्टिकोण के अनुरूप दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी मांग पक्ष प्रबंधन में उच्चतम मानकों और तंत्रों और सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने के लिए सरकारी और निजी संस्थाओं के साथ सहयोग करती है। मांग पक्ष प्रबंधन रणनीति 2050 का लक्ष्य ऊर्जा दक्षता के लिए दुबई को वैश्विक मानक के रूप में स्थापित करना है, जिसके तहत दक्षता में सुधार को दोगुना किया जाएगा, ताकि 2030 तक कम से कम 30 फीसदी और 2050 तक 50 फीसदी की बचत हो सके और बिजली व जल के उपयोग में सामान्य व्यवसाय की तुलना में परिवहन ईंधन की खपत में महत्वपूर्ण बचत हो सके।"
दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी के महासचिव अहमद बूटी अल मुहाबी ने कहा कि मांग पक्ष प्रबंधन रणनीति 2050 सात कार्यान्वयन तंत्रों नीतियों और विनियमों; डेटा और M&V; सरकारी सहयोग व नेतृत्व; जागरूकता व मान्यता; वित्तपोषण; अनुसंधान एवं विकास और नवाचार; और फ्रीजोन संरेखण व सहयोग पर केंद्रित है।
इसका उद्देश्य 2023 के अपडेट व्यवसाय सामान्य (BAU) की तुलना में 2050 तक कम से कम 86.8 टेरावाट घंटे (TWh) की बिजली बचत और कम से कम 383.2 बिलियन इंपीरियल गैलन (BIG) की जल बचत प्राप्त करने में योगदान देना है और 2013 BAU को आधार वर्ष मानकर 2050 तक कम से कम 1,757 मिलियन लीटर परिवहन ईंधन खपत में बचत करना है।
अनुवाद - पी मिश्र.