टोक्यो, 5 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर ने जापानी प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा से मुलाकात की।
बैठक में विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायोदी और जापान में यूएई के राजदूत शिहाब अल फहीम ने भाग लिया।
बैठक के दौरान, डॉ. अल जाबेर ने जापानी प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की ओर से शुभकामनाएं दीं और जापान और वहां के लोगों की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी पहल में नई प्रगति और इसके अंतर्गत संयुक्त परियोजनाओं व कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर चर्चा की।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों को मजबूत करने, सतत आर्थिक विकास हासिल करने की उनकी आकांक्षाओं और व्यापक रणनीतिक साझेदारी पहल के ढांचे के भीतर विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग और इसे विकसित करने के तरीकों की संभावनाओं को बढ़ाने के प्रयासों के रूप में हो रही है, जिसे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और अबू धाबी कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की सितंबर 2022 में जापान यात्रा के दौरान लॉन्च किया गया था।
यात्रा के दौरान, डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने जापान के विदेश मंत्री कामिकावा योको, अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री केन सैतो, डिजिटल परिवर्तन मंत्री तारो कोनो और जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी से मुलाकात की।
डॉ. अल जाबेर ने जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC), इनियोस, मित्सुई एंड कंपनी, इनपेक्स, जीरा, इटोचू, हिताची और सॉफ्टबैंक समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की।
डॉ. अल जाबेर ने जापानी पक्ष के साथ बैठकों के दौरान इस बात की पुष्टि किया कि यूएई का नेतृत्व सतत आर्थिक व सामाजिक विकास प्रयासों के लिए संचार और सहयोग को बढ़ाने व मजबूत करने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और इसकी दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों और समाधानों से लाभ उठाने के लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के महत्व पर चर्चा की।
उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यूएई ने प्रारंभिक चरण से ही स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और कार्यान्वयन को अपनाया है और बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने का आह्वान किया।
वहीं, डॉ. थानी अल जायोदी ने जोर देकर कहा कि जापान दुनिया भर में यूएई के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक (वैश्विक स्तर पर यूएई का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और खाड़ी सहयोग परिषद में पांचवां सबसे बड़ा) साझेदारों में से एक है और यूएई GCC देशों में जापान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है।
उन्होंने कहा कि जापान आर्थिक विविधीकरण और ज्ञान व नवाचार पर आधारित भविष्य की अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में यूएई के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
डॉ. अल जायोदी ने बताया कि यूएई के प्रतिनिधिमंडल की जापान यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और साझा हित के क्षेत्रों में विकास को गति देने व प्रोत्साहित करने के लिए अधिक साझेदारियां और समझौते करना है, जिससे व्यापार विनिमय को बढ़ाने व व्यापार क्षेत्रों और कंपनियों के लिए नए निवेश अवसरों की खोज करने में सहायता मिलेगी।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच नई रणनीतिक और महत्वपूर्ण साझेदारी पर हस्ताक्षर और घोषणा की गई। 3 बिलियन डॉलर के ग्रीन फाइनेंसिंग के लिए ADNOC और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के बीच समझौता पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ADNOC के उत्सर्जन को कम करने और अपने संचालन में कम कार्बन समाधान अपनाने के अग्रणी प्रयासों का सहयोग करेगा।
ADNOC और प्राकृतिक संसाधन एवं ऊर्जा एजेंसी (जापानी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय - METI से संबद्ध) के बीच रणनीतिक भंडार के संबंध में एक सहयोग पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने और इसकी सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करना है। यह MoC एक रणनीतिक भंडार प्रदान करके जापानी अर्थव्यवस्था के विकास का सहयोग करेगा, जो बाजार और आपूर्ति श्रृंखला में उतार-चढ़ाव के बीच ऊर्जा मूल्य झटकों को कम करने में मदद करता है।
विदेश मंत्री कामिकावा योको के साथ अपनी बैठक के दौरान, डॉ. सुल्तान ने यूएई-जापान संबंधों की प्रशंसा की, जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के भीतर उल्लेखनीय विकास देख रहे हैं। वार्ता में संयुक्त परियोजनाओं, कार्यक्रमों, पहलों के कार्यान्वयन और सहयोग के क्षितिज को बढ़ाने में नई प्रगति शामिल थे।
डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री केन सैतो से भी मुलाकात की।
बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं और आपसी हितों को पूरा करने के लिए उन्हें बढ़ाने के तरीकों की समीक्षा की गई। इसके अलावा उन्होंने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, उद्योग, उन्नत प्रौद्योगिकी और आपसी हितों के अन्य क्षेत्रों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा किया।
अनुवाद - पी मिश्र.