EAD ने पर्यावरण शताब्दी 2071 लक्ष्यों के प्रति अबू धाबी की योजना के कार्यान्वयन में प्रगति का खुलासा किया

अबू धाबी, 10 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- अबू धाबी पर्यावरण एजेंसी (EAD) ने अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ मिलकर पहली अबू धाबी योजना को लागू करने में पिछले 12 महीनों के दौरान हुई प्रगति के परिणामों की घोषणा की है। 2023-2025 तक चलने वाली यह योजना पर्यावरण शताब्दी 2071 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में यात्रा का हिस्सा है।

अमीरात के पर्यावरण और स्थिरता एजेंडे को लागू करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के रूप में एजेंसी 2071 तक पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई में विश्व लीडर बनने की अबू धाबी सरकार की आकांक्षाओं को पूरा करना चाहती है।

योजना के अंतर्गत 2023 के दौरान, कुल 212 विशेषज्ञों ने 195 उपलब्धियाँ और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए। भागीदारों ने 2023-25 पर्यावरण शताब्दी कार्यक्रमों के बाहर भी 32 अतिरिक्त उपलब्धियाँ और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए।

कार्यान्वयन योजना के परिणाम नगर पालिका व परिवहन विभाग, संस्कृति व पर्यटन विभाग, ऊर्जा विभाग, सरकारी सक्षमता विभाग, आर्थिक विकास विभाग, अबू धाबी कृषि व खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण, अबू धाबी सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, एकीकृत परिवहन केंद्र और अबू धाबी समुद्री विभाग की भागीदारी से प्राप्त किए गए।

एकीकृत पर्यावरण नियोजन और नीति क्षेत्र की कार्यकारी निदेशक शेखा अल मजरूई ने जोर देकर कहा कि EAD और उसके साझेदार शताब्दी के तीन रणनीतिक मार्गों को लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 65 कार्य कार्यक्रम शामिल हैं जो परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, सहयोग बढ़ाते हैं और 2071 शताब्दी के लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए भविष्य के ग्रीन परिवर्तन को प्रोत्साहित करते हैं। कुल 14 कार्यक्रम पूरे हुए, जिनकी प्रगति कार्यान्वयन दर 49 फीसदी रही, जिसने अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी और भागीदारी के माध्यम से 18 देशों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।

पहले मार्ग के रूप में "प्रकृति में समृद्ध जीवंत अमीरात" और इसके 23 कार्य कार्यक्रमों में स्थायी जैव विविधता प्राप्त करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग करके दस लाख से अधिक मैंग्रोव बीज लगाए गए। 800,000 से अधिक कोरल के टुकड़ों के रोपण ने अमीरात के कुल कोरल रीफ क्षेत्र में वृद्धि की है और अबू धाबी में जलीय कृषि के विकास के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई है, जिसमें सात प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

अबू धाबी मरीना में समुद्री पर्यावरण को सहारा देने वाले स्थानीय स्तर पर निर्मित इको-मैट्रेस्सेस ने स्थिरता के क्षेत्र में नवाचार के लिए वैश्विक पुरस्कार जीता है और मौजूदा समय में इनमें शैवाल की 15 प्रजातियों, मछलियों की 13 प्रजातियों और अकशेरुकी की चार प्रजातियों सहित समुद्री जीवन की एक विस्तृत विविधता मौजूद है।

मानव जीवन को बनाए रखने में मदद करने के लिए मिट्टी और जल की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए अबू धाबी में सतत कृषि विकास के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई थी। इस योजना का उद्देश्य जल-उपयोग दक्षता और भूमि के प्रकार के अनुसार फसलों का उचित उपयोग बढ़ाना है। इस क्षेत्र में पुनर्चक्रित जल का उपयोग 72 फीसदी तक बढ़ गया है और भूजल निष्कर्षण को कम करने के लिए 7,600 खेतों की सिंचाई के लिए अलवणीकृत जल का उपयोग करने का प्रस्ताव विकसित किया गया है।

इसके अतिरिक्त अबू धाबी के जिला शीतलन संयंत्रों में जल प्रबंधन नीति जारी की गई और जल के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने और हानिकारक तरल उत्सर्जन को समाप्त करने के लिए संबंधित संस्थाओं के साथ साझेदारी में इसके कार्यान्वयन तंत्र को विकसित किया गया।

सभी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ हवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए साइकिल चलाने और पैदल चलने जैसे सूक्ष्म परिवहन के लिए 33 किलोमीटर का मार्ग बनाया गया। इसके अतिरिक्त अल हुदैरियत द्वीप पर पर्यावरण के अनुकूल, सकारात्मक आयनीकरण तकनीक के साथ एक वायु शोधन टॉवर का उद्घाटन किया गया। यह टॉवर प्रति घंटे 30,000 क्यूबिक मीटर शुद्ध करता है, जिससे विजिटर्स स्वस्थ हवा का आनंद ले सकते हैं।

इसी तरह EAD की वायु गुणवत्ता मॉडलिंग प्रणाली को उन्नत किया गया है और अब इसमें विभिन्न वायुमंडलीय चर और रसायनों के फैलाव को शामिल किया गया है। इसके अलावा 40 फैक्ट्री चिमनियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अमीरात की निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है।

इसके अलावा अबू धाबी के लिए "एक स्वास्थ्य प्रणाली" स्थापित करने के लिए एक रोड मैप विकसित किया गया था, जो व्यापक विश्लेषण, स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग व अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी पर आधारित था। अबू धाबी को वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप होने वाले स्वास्थ्य बोझ का निर्धारण करने में सक्षम बनाने वाली प्रणाली को पर्यावरणीय चर और सार्वजनिक स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभावों का विश्लेषण करने में बेहतर सटीकता प्रदान करने के लिए अपडेट और उन्नत किया गया था।

दूसरे मार्ग के रूप में "जलवायु परिवर्तन के प्रति ग्रीन बल", जिसमें 23 कार्य कार्यक्रम शामिल हैं, पांच वर्षीय अबू धाबी जलवायु परिवर्तन रणनीति की घोषणा की गई। इस पहल में 15 संस्थाओं द्वारा प्रबंधित 85 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उत्सर्जन को 22 फीसदी तक कम करने और प्रमुख क्षेत्रों के लिए अनुकूलन योजनाएं विकसित करना है।

इसके अलावा "अबू धाबी ऊर्जा आउटलुक 2050" पहल का अनावरण किया गया, जिसमें प्रमुख क्षेत्रों के लिए कार्बन तटस्थता की ओर क्रमिक, संतुलित संक्रमण के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा निर्धारित की गई।

अन्य उल्लेखनीय पहलों में कृषि क्षेत्र को जलवायु-स्मार्ट बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और अभ्यासों को लागू करना शामिल है। आतिथ्य क्षेत्र कार्बन कैलकुलेटर का पायलट चरण भी लॉन्च किया गया और अमीरात के लिए पांचवां ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन सूची और भविष्य के अनुमान पूरे किए गए।

स्वच्छ ऊर्जा अबू धाबी के कुल ऊर्जा मिश्रण का 45 फीसदी हिस्सा है, जो मुख्य रूप से बराक 3 परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अल धफरा सौर ऊर्जा संयंत्रों के संचालन के कारण बढ़ा है। हाइड्रोजन ओएसिस और स्वच्छ बिजली पार्क बनाने के लिए अबू धाबी कम कार्बन हाइड्रोजन नीति भी अपनाई गई थी।

स्वच्छ ऊर्जा परिवहन प्रणाली में परिवर्तन के लिए अमीरात के स्वायत्त परिवहन ढांचे को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों और साझा गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित किया गया। कम उत्सर्जन वाले वाहन रणनीति को भी अपडेट किया गया, जो पूरी तरह से बिजली से चलने वाले वाहनों पर केंद्रित है।

अमीरात में स्थिरता बढ़ाने और अधिक कुशल खाद्य प्रणाली बनाने के लिए खाद्य हानि और बर्बादी को कम करने की रणनीति भी शुरू की गई।

तीसरा मार्ग: "भविष्य के पर्यावरण नेतृत्व के लिए सक्षमकर्ता", इसमें अबू धाबी के पर्यावरण नेतृत्व को बढ़ाने पर केंद्रित 19 कार्य कार्यक्रम शामिल हैं। इस मार्ग के रूप में ओएसिस पर्यावरण से संबंधित ऐतिहासिक खोजों को पांच राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रकाशित किया गया था और 13 सुविधाओं को स्थायी प्रथाओं को अपनाने में उनके योगदान के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज पर्यावरण लेबल से सम्मानित किया गया था।

कृषि और खाद्य सुरक्षा डेटा के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाया गया, जिसे संकेतकों और मैट्रिक्स द्वारा सुदृढ़ किया गया, जो स्थायी पर्यावरणीय प्रथाओं के एकीकरण को सुनिश्चित करता है। जल, पर्यावरण, ऊर्जा और खाद्य क्षेत्रों के बीच अंतर्संबंधों को पहचानते हुए इन चारों क्षेत्रों को एकीकृत करने के लिए एक सहयोगात्मक ढांचा और रणनीति तैयार की गई और साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बढ़ाया गया व नीतियां तैयार की गईं।

शिक्षा और अधिक प्रभावी पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक और विरासत स्थलों, आयोजनों, खाद्य और पेय पदार्थों, होटलों, मनोरंजन, ट्रैवल एजेंसियों और पर्यटन यात्राओं को कवर करने वाले छह सतत पर्यटन दिशा-निर्देश शुरू किए गए। इसी क्रम में मध्य पूर्व में पहले मुफ़्त ग्रीन ई-लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म के लिए 2,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया और तीन नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए।

इलेक्ट्रॉनिक और ऑडियो पुस्तकों जैसे चार सौ प्रकाशनों को डिजिटल प्रतियों में परिवर्तित किया गया और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित विषयों पर दो पुस्तकें प्रकाशित की गईं। स्थिरता पहलों में अग्रणी रहे प्रकाशकों पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विभिन्न विशिष्ट श्रेणियों के अनुरूप ऊर्जा और जल संरक्षण कार्यक्रमों में 4,850 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान की गई।

ग्रीन विकास नीतियों पर एक इलेक्ट्रॉनिक पाठ्यक्रम विकसित किया गया, जिसे 2,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने पूरा किया है। अग्रणी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में सरकारी लीडर्स के लिए स्थिरता ढांचे पर सार्वजनिक नीति पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

अबू धाबी पर्यावरण अनुसंधान नेटवर्क (ADERN) का शुभारंभ किया गया, जिसमें आठ विश्वविद्यालय और 250 से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो ग्रीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और अनुसंधान पोत 'Jaywun' पर कई अनुसंधान परियोजनाएं संचालित की गईं, जिनमें 25 देशों और आठ समुद्रों से होकर गुजरने वाली एक वायुमंडलीय अनुसंधान यात्रा भी शामिल है।

WAM / संतोष कुमार