नई दिल्ली, 22 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- भारत ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए 1 मिलियन डॉलर का दान देने की घोषणा की है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र में की थी।
इस फंड का उपयोग विकासशील देशों में क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता प्रदान करने और विश्व धरोहर स्थलों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। पहली बार, भारत विश्व धरोहर से संबंधित सभी मामलों को संभालने और यह तय करने के लिए जिम्मेदार समिति की बैठक की मेजबानी कर रहा है कि किन स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना चाहिए। बैठक में विश्व धरोहर सूची में शामिल 28 स्थलों के प्रस्तावों और सूची तथा विश्व धरोहर सूची में पहले से अंकित 123 स्थलों के संरक्षण की स्थिति की जांच की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने विदेशों से लौटी कलाकृतियों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि हाल ही में 350 से अधिक विरासत वस्तुएं देश में वापस आई हैं। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पूर्वोत्तर भारत में ऐतिहासिक मैदाम को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने के लिए नामांकित किया गया है।
विश्व धरोहर समिति की बैठक के संयोजन में एक विश्व धरोहर युवा पेशेवर मंच और एक विश्व धरोहर स्थल प्रबंधक मंच का भी आयोजन किया गया है। इसके अलावा, भारत मंडपम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन सभ्यता, भौगोलिक विविधता, पर्यटक आकर्षण, सूचना प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में आधुनिक विकास को प्रदर्शित करता है, जिसमें भारत की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए रिटर्न ऑफ ट्रेजर्स प्रदर्शनी और 'अतुल्य भारत' प्रदर्शनी भी शामिल है।