तीसरा इंटरस्टेलर मेहमान: ‘3I/एटलस’ पृथ्वी के पास से गुज़रेगा, अबू धाबी से ली गई 45 दुर्लभ तस्वीरें

अबू धाबी, 4 जुलाई 2025 (डब्ल्यूएएम) -- नासा ने 1 जुलाई को दूसरे सौर मंडल से एक धूमकेतु की खोज की पुष्टि की है। अरबों वर्षों तक अंतरिक्ष में यात्रा करने और हमारे सौर मंडल में प्रवेश करने के बाद कुछ दिनों पहले ही इसकी खोज की गई थी।

अबू धाबी स्थित अल-खातिम खगोलीय वेधशाला ने गुरुवार, 3 जुलाई की शाम को धूमकेतु का सफलतापूर्वक चित्र लिया। इस पिंड का अवलोकन करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इसकी चमक बहुत कम है और यह केवल बड़ी दूरबीनों के माध्यम से ही दिखाई देता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह निरीक्षण 45 मिनट तक चला, जिसके दौरान 45 तस्वीरें ली गईं।

वेधशाला के परिणाम अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) के माइनर प्लैनेट सेंटर (MPC) को प्रस्तुत किये गये, जिससे यह इस धूमकेतु का वैज्ञानिक अवलोकन करने वाली पहली अरब वेधशाला बन गयी।

इस धूमकेतु की खोज चिली स्थित एटलस सर्वेक्षण प्रणाली द्वारा की गई थी। प्रारंभ में इसे अनंतिम कोड 'A11PL3EZ' दिया गया, जिसे बाद में 'C/2025 N1 (एटलस)' नाम दिया गया और अंततः इसका नाम '3I/एटलस' रखा गया।

उपसर्ग 3I यह दर्शाता है कि यह अब तक खोजी गई तीसरी अंतरतारकीय वस्तु है। पहला क्षुद्रग्रह 'ओउमुआमुआ' 2017 में आया था, उसके बाद दूसरा धूमकेतु, 2I/बोरिसोव 2019 में आया था।

यह धूमकेतु वर्तमान में सूर्य से लगभग 670 मिलियन किलोमीटर दूर स्थित है तथा 221,000 किलोमीटर प्रति घंटे की जबरदस्त गति से यात्रा कर रहा है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है, क्योंकि इसकी निकटतम पहुंच 240 मिलियन किलोमीटर है। यह 30 अक्टूबर 2025 को सूर्य के सबसे निकट पहुंचेगा, जो 210 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर होगा तथा अनुमानित परिमाण 11 होगा।