यूएई और भारत: रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय संबंधों के वैश्विक मानक की स्थापना

नई दिल्ली, 18 जनवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- भारतीय विदेश मंत्रालय में खाड़ी और पश्चिम एशिया उत्तरी अफ्रीका (WANA) क्षेत्रों के साथ भारत के संबंधों की देखरेख करने वाले सचिव मुक्तेश के. परदेशी ने पुष्टि किया कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देश भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय व्यापार भागीदार हैं और अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक GCC देशों के साथ भारत के व्यापार का मूल्य लगभग 184 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया।

मौजूदा समय में भारत दौरे पर आए यूएई और GCC मीडिया के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान, परदेशी ने भारत और GCC के बीच ऐतिहासिक दोस्ती पर गर्व व्यक्त किया।

वहीं, ICC इंडिया और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के महासचिव शैलेश पाठक ने कहा कि यूएई और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी देशों के बीच रचनात्मक सहयोग का एक अनूठा मॉडल है, जो दोनों देशों की कई विकासात्मक उपलब्धियों से प्रमाणित है।

GCC मीडिया प्रतिनिधिमंडल के साथ FICCI द्वारा आयोजित एक बैठक के मौके पर अमीरात समाचार एजेंसी (WAM) को दिए एक बयान में पाठक ने यूएई-भारत सहयोग में यूएई-भारत रणनीतिक साझेदारी समझौते और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के प्रमुख योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूएई और भारत के बीच दीर्घकालिक और घनिष्ठ मित्रता है।

उन्होंने कहा कि 1 मई, 2022 को यूएई-भारत CEPA लागू होने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पिछले साल 85 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

पाठक ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हाल ही में भारतीय गणराज्य के लिए विशेष रूप से भारतीय राज्य गुजरात की आधिकारिक यात्रा और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दसवें संस्करण में सम्मानित अतिथि के रूप में उनकी भागीदारी उनके सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यूएई और भारत के चल रहे प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दोनों लोगों के बीच सांस्कृतिक अभिसरण से संबंधित अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं।

उन्होंने भारत में GCC मीडिया प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि GCC-भारत संबंध विकसित हो रहे हैं और सभी स्तरों पर महत्वपूर्ण वृद्धि देखी जा रही है।

वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय में खाड़ी के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने पुष्टि किया कि यूएई और भारत के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और उनके देश के लिए दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।

उन्होंने WAM को बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी यात्राओं ने सभी क्षेत्रों में उनके सहयोग के दायरे को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

महाजन ने यूएई के राष्ट्रपति की हालिया भारत यात्रा के महत्व को रेखांकित किया, जिसमें दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

उन्होंने कहा कि यूएई-भारत द्विपक्षीय सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने अबू धाबी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) - दिल्ली की पहली शाखा स्थापित करने की योजना जैसे उदाहरण दिए, जो भारत के बाहर संस्थान की पहली शाखा होगी।

अनुवाद - पी मिश्र.