यूएई कल अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा दिवस मनाएगा

अबू धाबी, 25 जनवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- यूएई कल अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा दिवस मनाएगा, जो इस क्षेत्र में अपने वैश्विक नेतृत्व को उजागर करेगा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पहल शुरू करेगा। यह इयर ऑफ सस्टेनेबिलिटी 2023 के समापन का अनुसरण करता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा को आगे बढ़ाने में देश की भूमिका को प्रदर्शित करता है।

पिछले साल कैबिनेट द्वारा "यूएई ऊर्जा रणनीति 2050" को अपनाया गया था, जिसका लक्ष्य 2050 तक बिजली और जल क्षेत्र में जलवायु तटस्थता हासिल करना था। इसमें उत्सर्जन को कम करने, ऊर्जा मिश्रण से स्वच्छ कोयले को खत्म करने और उपभोग दक्षता बढ़ाना शामिल है।

अन्य लक्ष्यों में 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के योगदान को तीन गुना करने, स्वच्छ ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता को 14.2 गीगावाट से बढ़ाकर 2030 तक 19.8 गीगावाट करने, 2030 तक कुल ऊर्जा मिश्रण से स्वच्छ ऊर्जा के लिए स्थापित क्षमता के योगदान को 30 फीसदी तक बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सही रास्ते पर बने रहने के लिए 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के योगदान को 32 फीसदी तक बढ़ाना शामिल है।

2023 में राष्ट्रीय हाइड्रोजन रणनीति शुरू की गई थी, जिसमें दो हाइड्रोजन ओसेस स्थापित करने और तीन भविष्य के ओसेस की क्षमता का अध्ययन करने के लिए कदमों की रूपरेखा तैयार की गई थी। यह वैश्विक उत्पादक और स्वच्छ ऊर्जा के निर्यातक के रूप में यूएई की स्थिति को बढ़ाने, स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को बढ़ावा देने, वैश्विक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को गति देने, घरेलू बाजार को उत्तेजित करने, भविष्य के लिए ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का सहयोग करने वाले नियामक ढांचे और नीतियों को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और अनुसंधान व विकास में निवेश बढ़ाता है। इस रणनीति का लक्ष्य आर्थिक विकास करने, 2050 तक हजारों नौकरियां पैदा करने और 2031 तक उच्च उत्सर्जन वाले क्षेत्रों में उत्सर्जन को 25 फीसदी तक कम करना है।

परियोजना स्तर पर यूएई ने पिछले साल नवंबर में 2 गीगावाट की उत्पादन क्षमता वाले अल धफरा सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट का उद्घाटन देखा, जिससे यह एक ही स्थान पर दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा स्टेशन बन गया। अबू धाबी से 35 किलोमीटर दूर स्थित यह स्टेशन लगभग 200,000 घरों को बिजली की आपूर्ति करने और सालाना 2.4 मिलियन टन कार्बन के उत्सर्जन को रोकने में योगदान देता है।

स्टेशन में लगभग 4 मिलियन दोहरे चेहरे वाले सौर पैनल शामिल हैं, एक नई तकनीक जो सौर पैनलों के सामने और पीछे दोनों चेहरों के माध्यम से सौर विकिरण को कैप्चर करके अधिक कुशल बिजली उत्पादन की अनुमति देती है।

पिछले साल दिसंबर में यूएई ने दुबई में मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम सोलर पार्क के चौथे चरण के रूप में दुनिया की सबसे बड़ी केंद्रित सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की। चौथा चरण 950 मेगावाट की उत्पादन क्षमता के साथ स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए तीन सामान्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने वाली सबसे बड़ी निवेश परियोजना है, जिसमें कुल 600 मेगावाट परवलयिक गर्त संग्राहक, 100 मेगावाट सौर ऊर्जा टावर और 250 मेगावाट फोटोवोल्टिक सौर पैनल शामिल हैं। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर मॉडल के तहत इस प्रोजेक्ट में निवेश एईडी15.78 बिलियन तक पहुंच गया है।

इस परियोजना में दुनिया का सबसे ऊंचा 263.126 मीटर का सौर ऊर्जा टावर और 5,907 मेगावाट/घंटा की सबसे बड़ी तापीय ऊर्जा भंडारण क्षमता है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएई द्वारा जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (COP28) सम्मेलन की मेजबानी स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में वैश्विक परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। COP28 सम्मेलन ने ऐतिहासिक "यूएई आम सहमति" को मंजूरी दी, जिसने पहली बार ईंधन-मुक्त ऊर्जा प्रणाली में बदलाव का संकेत दिया, जो अपने उत्सर्जन को कम नहीं करती है, जिससे दुनिया 2050 तक जलवायु तटस्थता प्राप्त करने में सक्षम हो जाती है।

सम्मेलन ने वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता प्रतिबद्धता को सफलतापूर्वक अपनाया, जिसका लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को कम से कम 11,000 गीगावाट तक तीन गुना करने, 2030 तक वार्षिक ऊर्जा दक्षता वृद्धि दर को दोगुना करके 4 फीसदी से अधिक करना था और इसे 130 देशों का सहयोग प्राप्त था।

अनुवाद - पी मिश्र.