दिसंबर 2023 में एयर कार्गो की मांग 10.8 फीसदी बढ़कर 2022 के स्तर के करीब पहुंच गई: IATA

जिनेवा, 31 जनवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने वैश्विक एयर फ्रेट बाजारों के लिए डेटा जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद विशेष रूप से मजबूत चौथी तिमाही के प्रदर्शन के साथ एयर कार्गो की मांग 2023 में फिर से बढ़ी है। पूरे साल की मांग 2022 और 2019 से थोड़ा नीचे के स्तर पर पहुंच गई।

कार्गो टन-किलोमीटर (CTK) में मापी गई 2023 में वैश्विक पूर्ण-वर्ष की मांग 2022 की तुलना में 1.9 फीसदी कम थी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए -2.2 फीसदी)। 2019 की तुलना में यह 3.6 फीसदी कम (अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए -3.8) था।

उपलब्ध कार्गो टन-किलोमीटर (ACTK) में मापी गई 2023 में क्षमता 2022 से 11.3 फीसदी अधिक थी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए +9.6 फीसदी)। 2019 (पूर्व-कोविड) स्तरों की तुलना में क्षमता 2.5 फीसदी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए 0.0 फीसदी) अधिक थी।

दिसंबर 2023 में असाधारण रूप से मजबूत प्रदर्शन देखा गया: वैश्विक मांग 2022 के स्तर से 10.8 फीसदी अधिक थी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए +11.5 फीसदी)। यह पिछले दो वर्षों में सबसे मजबूत वार्षिक वृद्धि प्रदर्शन था। वैश्विक क्षमता 2022 के स्तर से 13.6 फीसदी अधिक थी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए +14.1 फीसदी)।

IATA के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा, “राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद 2023 में एयर कार्गो बाजारों ने 2021 में असाधारण कोविड शिखर के बाद 2022 में अपनी खोई हुई जमीन फिर से हासिल कर ली। हालांकि पूरे वर्ष की मांग पूर्व-कोविड स्तरों से 3.6 फीसदी कम थी, लेकिन पिछली तिमाही में महत्वपूर्ण मजबूती एक संकेत है कि बाजार अधिक सामान्य मांग पैटर्न की ओर स्थिर हो रहे हैं। यह उद्योग को 2024 में सफलता के लिए बहुत ठोस आधार पर रखता है। लेकिन भू-राजनीति और आर्थिक ताकतों में अस्थिरता जारी रहने और कुछ मामलों में तीव्र होने के कारण आने वाले महीनों में इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।”

मध्य पूर्वी वाहकों ने 2022 की तुलना में 2023 में वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय मांग में 1.6 फीसदी की वृद्धि और क्षमता में 13.5 फीसदी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए +13.6 फीसदी) की वृद्धि दर्ज की। दिसंबर में क्षेत्र की एयरलाइनों ने 2022 की तुलना में वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय परिचालन दोनों के लिए मांग में 18.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इसी अवधि के दौरान क्षमता में 17.7 फीसदी (अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए +17.8 फीसदी) की वृद्धि हुई।

अनुवाद - पी मिश्र.