वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट भविष्य की चुनौतियों, साझा दृष्टिकोण के रास्ते तलाशता है

दुबई, 13 फरवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- दुबई में शुरू हुआ वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट (WGS) कई सवालों के जवाब देना चाहता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु, अंतरिक्ष, ऊर्जा, शक्ति संतुलन, शांति और सुरक्षा, सरकारी सेवाओं और मानव सशक्तिकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में दुनिया के भविष्य को आकार देंगे।

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान और दृष्टिकोण की तलाश में समिट के प्रश्न "क्या, कौन, कहाँ और कैसे?" से शुरू होते हैं। इनमें सतत विकास लक्ष्यों को गति देने, स्थायी शहरों को डिजाइन करने, ऊर्जा क्षेत्र वैश्विक शक्ति संतुलन को कैसे आकार देता है और हम अपनी मानसिक क्षमताओं का 100 फीसदी उपयोग कैसे कर सकते हैं, में माइंड मैप की भूमिका के बारे में प्रश्न शामिल हैं।

WGS 2024 भविष्य के अवसरों और चुनौतियों का पता लगाता है और सरकारी कार्यों में सुधार और विश्व सरकारों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए साझा दृष्टिकोण के मार्गों की पहचान करता है।

चुनौतियों के प्रश्नों और प्रत्याशित समाधानों पर 15 वैश्विक मंचों और 110 से अधिक मुख्य इंटरैक्टिव संवाद सत्रों के माध्यम से चर्चा की जाती है, जिसमें राष्ट्रपतियों, मंत्रियों, विशेषज्ञों, विचारकों और भविष्य के निर्माताओं के साथ ही 300 से अधिक मंत्रियों की भागीदारी के साथ 23 से अधिक मंत्रिस्तरीय बैठकें और कार्यकारी सत्रों सहित 200 वैश्विक हस्तियां शामिल होती हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जीवन के विभिन्न पहलुओं में इसकी भूमिका भविष्य के बारे में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा मनुष्यों की जगह लेने का डर इन चिंताओं में सबसे आगे है और साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए देशों की तैयारी के बारे में सवाल भी हैं और क्या यह हमें दुनिया के अंत तक ले जाएगा।

डेटा एकत्र करने और विज़ुअलाइज़ेशन में विशेषज्ञता रखने वाले जर्मन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म स्टेटिस्टा की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार के चालू दशक के दौरान 20 गुना बढ़ने की उम्मीद है, जो 2030 तक लगभग 1.85 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जबकि 2021 के अंत में यह 95 बिलियन डॉलर होगा।

अनुवाद - एस कुमार.