दुबई, 13 फरवरी, 2024 (डब्ल्यूएएम) -- इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) के प्रबंध निदेशक मख्तार डिओप ने डीपी वर्ल्ड को लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट सप्लाई चेन का विश्व स्तर पर सफल मॉडल बताया।
डिओप वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2024 के दूसरे दिन 14 फरवरी तक 'भविष्य की सरकारों को आकार देना' विषय के तहत 'विकास के लिए निजी क्षेत्र के वित्त को जुटाना' नामक सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अफ्रीका और दुनिया भर के अन्य क्षेत्रों में प्रमुख संपत्तियों के निजीकरण से उनकी उत्पादकता और दक्षता को बढ़ावा मिलता है, जिससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होती है।
डिओप ने कहा, "अफ्रीका के स्टार्टअप्स में बड़े निवेश के बावजूद बहुत कम घरेलू पूंजी प्रवाहित होती है। इनमें से अधिकतर निवेश अमीर देशों में होते हैं।"
कृषि में चुनौतियों का समाधान करते हुए डीओप ने आयात पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय अनाज जैसे छोटे कृषि उत्पादों की ओर रुख करने के महत्व पर जोर दिया। इस तरह के कदम से विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने और वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया में सुधार करने में योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा, "हमारे पास आयातित अनाज के विकल्प हैं, जिनमें से कुछ जलवायु परिवर्तन को झेलने में सक्षम हैं। हमें एक मजबूत निजी क्षेत्र की आवश्यकता है जो कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ाने में मदद करे। लेकिन इसे चुस्त सरकारी प्रक्रियाओं के समानांतर हासिल करना होगा जो सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग को और बढ़ाए।"
सत्र में चर्चा की गई कि अभूतपूर्व खतरों का सामना कर रहे सबसे कमजोर देशों में जीवन की गुणवत्ता को संरक्षित करने के लिए आपातकालीन वित्तपोषण एक व्यापक अभ्यास में कैसे विकसित हुआ है।
अनुवाद - एस कुमार.