खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने अबू धाबी कार्यकारी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की, अमीराती परिवार विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी

अबू धाबी, 8 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और अबू धाबी कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने परिषद की बैठक की अध्यक्षता की और सामुदायिक विकास विभाग द्वारा प्रबंधित अबू धाबी परिवार कल्याण रणनीति के अमीराती परिवार विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य अमीरात में आर्थिक और सामाजिक विकास के मुख्य चालक के रूप में अमीराती परिवार के विकास और स्थायित्व को बढ़ाना है, जो सामाजिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने, युवाओं को स्थिर परिवार बनाने के लिए सशक्त बनाने और यूएई के राष्ट्रीय युवाओं को शादी करने व बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक ढांचा प्रदान करने में योगदान देने वाली पहलों की एक श्रृंखला के कार्यान्वयन के माध्यम से है, जिससे पारिवारिक स्थिरता बढ़े और सामुदायिक सामंजस्य व एकीकरण को मजबूती मिले।

हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने बैठक के दौरान इस बात की पुनः पुष्टि किया कि अमीराती परिवार आर्थिक और सामाजिक विकास की आधारशिला है और इस बात पर प्रकाश डाला कि यह कार्यक्रम अमीराती परिवार की भलाई के लिए नेतृत्व की प्रतिबद्धता, सामुदायिक एकजुटता और परिवार एवं स्थिरता को बढ़ावा देने वाले एक पोषणकारी वातावरण की स्थापना के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

बैठक के दौरान, अबू धाबी कार्यकारी परिषद ने सरकारी परियोजनाओं, पहलों व कार्यक्रमों के साथ यूएई के नागरिकों और निवासियों की आवश्यकताओं को पूरा करने और निजी क्षेत्र के सहयोग से दक्षता को और अधिक सुव्यवस्थित करके उनके जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए तैयार की गई सेवाओं में प्रमुख विकास की भी समीक्षा की।

हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने व्यापक और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों के बीच साझेदारी के महत्व पर फिर से जोर दिया और इस बात पर प्रकाश डाला कि अमीरात के व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र का उद्देश्य एक विधायी ढांचे को अपनाकर कारोबारी माहौल को आगे बढ़ाने और निवेश आकर्षित करना है, जो वैश्विक कंपनियों को स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने परिचालन का विस्तार करने में सक्षम बनाता है।

अनुवाद - पी मिश्र.