शिक्षा मंत्रालय ने विदेशी विश्वविद्यालयों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के लिए अपनी मान्यता प्रणाली का दूसरा चरण शुरू किया

दुबई, 9 जुलाई 2024 (डब्ल्यूएएम) -- शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) द्वारा जारी की गई डिग्री के लिए ‘यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स रिकग्निशन’ प्रणाली के दूसरे चरण की शुरुआत की है। इन सुधारों से विदेशी HEI से स्नातक करने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी योग्यताओं की मान्यता प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए सिस्टम की विशेषताओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी और साथ ही प्रक्रिया की वैधता, विश्वसनीयता व अखंडता भी सुनिश्चित होगी।

छात्रों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाली तथा जीरो सरकारी नौकरशाही कार्यक्रम के अनुरूप एक एकीकृत व व्यापक शैक्षिक प्रणाली के निर्माण के अपने सतत प्रयासों के रूप में इस परिवर्तन परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स रिकग्निशन प्रणाली के पहले चरण की सफलता के बाद हुआ है, जिसे पिछले वर्ष शुरू किया गया था। मई माह में कस्टमर पल्स रेटिंग के आधार पर पहले चरण में ग्राहकों की शिकायतों में 85 फीसदी की कमी आई और ग्राहक संतुष्टि 90 फीसदी तक बढ़ गई। इसके अतिरिक्त सिस्टम अपडेट से विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रमाणपत्रों को मान्यता देने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या में 85 फीसदी तक की कमी आई और लेनदेन निष्पादन समय में 50 फीसदी की कमी आई। इसके अलावा इस परिवर्तन परियोजना ने प्रमाणपत्र मान्यता के लिए आवश्यक चरणों को आधा कर दिया।

2024 में विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों में 60,000 से अधिक छात्रों को नए सिस्टम अपडेट से लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्हें तेज, अधिक कुशल और अधिक लचीली डिजिटल सेवाएं मिलेंगी, जो उन्हें अपनी शैक्षणिक पढ़ाई पूरी करने या श्रम बाजार में आसानी से प्रवेश करने में मदद करेंगी।

शिक्षा मंत्री के सलाहकार और शिक्षा मंत्रालय में ग्राहक अनुभव परिवर्तन समिति के प्रमुख डॉ. हसन अलसईघ ने कहा कि मंत्रालय ने पिछले समय में उपयोगकर्ता फीडबैक, चल रही निगरानी और विकास प्रयासों के आधार पर विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के लिए 'यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स रिकग्निशन' प्रणाली के दूसरे चरण को शुरू करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले वर्ष इसकी शुरुआत के बाद से इस प्रणाली ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं, जो जीरो सरकारी नौकरशाही कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप हैं। इन परिणामों ने मंत्रालय को एक चुस्त दृष्टिकोण अपनाने और आगे के विकास को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया है जिसका छात्रों के एक बड़े समूह पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

डॉ. हसन अलसईघ ने कहा, "दूसरे चरण में संशोधन का उद्देश्य विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा जारी किए गए विश्वविद्यालय प्रमाणपत्रों के लिए मान्यता मानदंडों को सुविधाजनक बनाना है, जिससे अधिक अकादमिक विशेषज्ञता की अनुमति मिलती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग और मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मानकों में अधिक लचीलापन शामिल है। यह उच्च शिक्षा परिणामों की गुणवत्ता में सुधार करने और छात्रों को शीर्ष-स्तरीय विश्वविद्यालयों में उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के मंत्रालय के प्रयासों के अंतर्गत आता है।"

प्रणाली के दूसरे चरण में शामिल नए अपडेट के अनुसार विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की मान्यता आवश्यकताओं को अब कुछ विशेषज्ञताओं के लिए कम कर दिया गया है, जिनमें वास्तुकला व निर्मित पर्यावरण, कंप्यूटर विज्ञान व सूचना प्रणाली, डेटा विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान, शिक्षा व प्रशिक्षण साथ ही कानून व कानूनी अध्ययन शामिल हैं।

अनुवाद - पी मिश्र.