सोमवार 21 सितम्बर 2020 - 1:48:26 एएम

यूएई के अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने चौथे औद्योगिक क्रांति में एशिया को बढ़त दिलाई

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अबू धाबी, 29 जुलाई, 2020 (डब्ल्यूएएम) -- अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) से बातचीत करते हुए एक वरिष्ठ विद्वान ने बताया कि यूएई के अंतरिक्ष कार्यक्रम विशेष रूप से इसके मार्स मिशन का सफल प्रक्षेपण, चौथे औद्योगिक क्रांति में एशिया की अगुवाई का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही अमीरात को "दुनिया भर में विकासशील देशों के विकास में एक बड़ा हितधारक" बना देगा। अबु धाबी में अमीरात डिप्लोमैटिक एकेडमी (ईडीए) में सीनियर रिसर्च फेलो डॉ. नारायनप्पा जनार्दन ने कहा, "एशियायी चौथे औद्योगिक क्रांति (4IR) के संदर्भ में दौड़ का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की मुख्य भूमिका है। चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे हैं और यूएई ने अपने सफल अंतरिक्ष कार्यक्रमों के साथ उन्हें शामिल किया है।"

डब्ल्यूएएम के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "यूएई उन प्रमुख एशियाई देशों में सबसे आगे है और इसकी ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ उन देशों के साथ संबंधों को और विकसित करने में भी मदद करेगी।"

डब्ल्यूएएम ने पिछले दो हफ्तों में बताया, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान ने अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ के साथ अमीरात मार्स मिशन की सराहना की और अंतरिक्ष क्षेत्र में यूएई के साथ सहयोग में रुचि व्यक्त की है। अंतरिक्ष कूटनीति विद्वान ने कहा कि अंतरिक्ष का उपयोग 21वीं सदी में राजनयिक उपकरण के रूप में किया जाता है। 'अंतरिक्ष कूटनीति' चौथी औद्योगिक क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं। डॉ. जनार्दन ने कहा, "आपने पहले ही देखा है कि अतीत में पश्चिमी देशों में जाने वाले कई प्रतिष्ठित और मेगा प्रोजेक्ट अब सभी एशियाई देशों को आवंटित किए जा रहे हैं। मेरा मतलब चीनी कंपनी हुआवेई द्वारा विकसित 5जी (5वीं पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क) से है।"

अंतरिक्ष और एशिया का विकास वह जून में अपने BeiDou-3 नेविगेशन सिस्टम के अंतिम उपग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करते समय चीन का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह देश को अंतरिक्ष में एक प्रमुख शक्ति के रूप में आगे बढ़ा रहा है, क्योंकि यह अब जीपीएस पर निर्भर नहीं है। डॉ. जनार्दन ने कहा कि इस तरह की उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ने चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व किया, जो एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के विकास के केंद्र में है। विद्वान ने कहा, "अंतरिक्ष कूटनीति की पूरी अवधारणा सिर्फ एक राजनयिक उपकरण होने से परे है, लेकिन यह एक प्रमुख आर्थिक उपकरण बन गया है।"

यूएई और विकासशील देश डॉ. जनार्दन ने जोर दिया कि इस तरह की सेवाओं की पेशकश करने के लिए अपने सफल अंतरिक्ष कार्यक्रमों के साथ यूएई दुनिया भर में विकासशील देशों के विकास में एक बड़ा हितधारक होगा। उन्होंने कहा, "अंत में भविष्य सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों के बारे में नहीं होगा। यह बहुपक्षीय संबंधों के बारे में है। इसलिए यदि आप खाड़ी देशों की विदेश नीतियों को देखें, तो यह केवल एक दूसरे देश के साथ सहयोग करने के बारे में नहीं है, बल्कि वे एक तीसरे देश में एक दूसरे देश के साथ सहयोग कर रहे हैं।"

बहुपक्षीय संबंध उन्होंने कहा कि यूएई और भारत ने ज्यादातर टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन के साथ अफ्रीका में विकास परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. जनार्दन ने बताया कि यदि यूएई कुछ प्रमुख एशियाई देशों के साथ संबंध स्थापित करता है, तो यह कई अन्य विकासशील देशों के विकास में एक बहुत महत्वपूर्ण हितधारक बन जाएगा। ताजा मार्स मिशन फरवरी 2021 में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने के लिए होप प्रोब सात महीने में 493.5 मिलियन किलोमीटर की यात्रा करेगा। होप प्रोब के मंगल पर सफलतापूर्वक पहुंचने के बाद यूएई अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ और भारत के साथ मंगल ग्रह पर उतरने वाले अंतरिक्ष के विशेष क्लब में शामिल हो जाएगा। अमेरिका का नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) 30 जुलाई, गुरुवार को अपना अगला मार्स रोवर लॉन्च करेगा। अनुवादः एस कुमार.

http://www.wam.ae/en/details/1395302858965

WAM/Hindi